तमिलनाडु में 1989 में महिलाओं को संपत्ति में समान अधिकार देने वाला कानून पारित किया गया था. इस कानून को यूपी में भी पारित करने के लिए सरकार की तरफ से विचार किया जा रहा है. हालांकि इस विचार पर अब डीएमके ने बीजेपी पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि विवाहित बेटियों को उनके पिता की कृषि भूमि में समान अधिकार देने के विचार पर विचार कर रहा है. जबकि तमिलनाडु ऐसा 35 साल पहले ही कर चुका है.
तमिलनाडु की सत्तारूढ़ डीएमके ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश की आलोचना करते हुए कहा कि वह अब विवाहित बेटियों को उनके पिता की कृषि भूमि में समान अधिकार देने के विचार पर विचार कर रहा है. डीएमके ने कहा कि 35 साल पहले ही तत्कालीन मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि ने राज्य में हिंदू कानून में संशोधन करके महिलाओं को अधिकार दिए थे.
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