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गर्भवती महिलाओं की देखभाल के लिए MP सरकार की पहल, शुरू होगा AI जेनरेटेड सुमन सखी चैटबॉट

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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्य प्रदेश में एक ऐसा अभियान है जो समाज के सभी तबकों के हित से जुड़ा है. इसका खास मकसद गर्भावस्था के दौरान महिलाओं की देखभाल, बड़े जोखिम की वजहों की पहचान करना और सरकारी योजनाओं की जानकारियों को डिजिटल तकनीक से लाभार्थियों तक पहुंचाना है. आपको बता दें कि इस अभियान को और गति देते हुए मध्य प्रदेश सरकार अब इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI की मदद लेने जा रही है.

मध्य प्रदेश सरकार इस संबंध में AI जेनरेटेड एक चैटबॉट सेवा शुरू करने जा रही है. इस सेवा का नाम सुमन सखी चैटबॉट (SUMAN SAKHI Chatbot) है. इस चैटबॉट सेवा का मकसद महिलाओं तक स्वास्थ्य योजनाओं और सेवाओं की जानकारियों को आसानी से पहुंचाना है. यह पहल गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य की देख रेख करना है. सरकार को आशा है कि एआई जेनरेटेड चैटबॉट से जरूरतमंदों पर सेवा संबंधी जानकारी तेजी से पहुंचेगी.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की पहल

यह चैटबॉट मध्य प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा विकसित किया गया है. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत मध्य प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (एमपीएसईडीसी) के सहयोग से इसे विकसित किया गया है. लाभार्थियों के लिए एक डिजिटल सहयोगी के रूप में काम करेगा. आम लोग इसके जरिए स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रमों, सामाजिक कल्याण योजनाओं और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के बारे में पूछताछ कर सकेंगे.

हिंदी भाषा में 24 घंटे सेवा होगी

राज्य सरकार का कहना है कि इस चैटबॉट की भाषा हिंदी होगी और यह चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगा. लाभार्थी गांव के हों या शहर के- वे बिना किसी बाधा के अपनी भाषा में इस सेवा का लाभ उठा सकेंगे. हालांकि यह कई चरणों में शुरू की जाएगी. इसकी शुरुआत उन क्षेत्रों से होगी जहां मातृ स्वास्थ्य सेवा के लिहाज से जनता की सबसे ज़्यादा मांग है.

जानकारी के मुताबिक इस चैटबॉट का भविष्य में विस्तार भी किया जायेगा. तब इसमें अन्य प्रमुख योजनाओं की भी जानकारी शामिल की जायेगी. आम लोग व्हाट्सएप के माध्यम से भी इसका उपयोग कर सकेंगे. ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि इस डिजिटल प्रयोग से न केवल सर्विस में सुधार होगा, बल्कि सेवा में पारदर्शिता आएगी और शासन के काम काज में जरूरतमंद लाभार्थियों का विश्वास भी बढ़ेगा.

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