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क्या लाड़ली बहना योजना में जुड़ेंगे नए नाम, जानिए मोहन यादव का प्लान

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भोपाल: मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए आने वाली दिवाली ढेर सारी खुशियां लेकर आ रही है. भाईदूज से लाड़ली बहना योजना की राशि 1250 रुपए से बढ़कर 1500 रुपए प्रति माह हो जाएगी. मध्य प्रदेश सरकार 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों को हर महीने 1250 रुपये की सम्मान निधि देती है. यह राशि हर महीने की 10 तारीख को दी जाती है. बता दें कि, मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना अब एक नए चरण में प्रवेश कर रही है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि योजना के तहत दी जाने वाली राशि को 1250 से बढ़ाकर 1500 कर दिया जाएगा, और यह नई राशि दिवाली 2025 से लागू होगी.

क्या है लाड़ली बहना योजना?

यह योजना 28 जनवरी 2023 को शुरू की गई थी. इसका उद्देश्य राज्य की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है. योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह सीधे बैंक खाते में धनराशि दी जाती है. अब तक 27 किस्तों में महिलाओं को ₹1,250 प्रति माह की सहायता मिल रही थी. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरु की गई इस योजना में पहले राशि 1000 रुपए मिलती थी. उसके बाद से इसे बढ़ाकर 1250 रुपए प्रतिमाह किया गया है.

क्या नई महिलाओं को किया जाएगा शामिल?

अब सवाल है क्या मध्य प्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना में नए नाम जोड़े जाएंगे? तो आपको बता दें कि, फिलहाल नए नाम जोड़ने की ऐसी कोई योजना नहीं है. महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने विधानसभा में साफ किया है कि 20 अगस्त 2023 के बाद से कोई नया पंजीकरण स्वीकार नहीं किया गया है और अभी सरकार का ऐसा कोई इरादा नहीं है. इस फैसले के पीछे बड़ा कारण है वित्तीय दबाव, क्योंकि योजना से हर महीने करीब ₹1,861 करोड़ का खर्च हो रहा है. हालांकि, जो महिलाएं पहले से योजना में शामिल हैं, उन्हें राशि मिलती रहेगी और दिवाली से यह किस्त ₹1,500 प्रति माह कर दी जाएगी.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि, ”दीपावली पर भाईदूज से लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत पात्र लाड़ली बहनों को प्रतिमाह 1500 रुपए की राशि दी जाएगी. 2028 तक लाड़ली बहनों को तीन हजार रुपए की राशि प्रतिमाह दी जाएगी.” वहीं, महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री निर्मला भूरिया का कहना है कि, ”अभी योजना में नए हितग्राही को जोड़ने को लेकर कोई योजना नहीं है.”

कांग्रेस ने उठाए सवाल, 2028 का इंतेजार क्यों

उधर, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता फिरोज सिद्धिकी आरोप लगाते हैं कि, ”बड़ी संख्या में पात्र महिलाएं लाड़ली बहना योजना से आज भी वंचित हैं. सरकार को ऐसी सभी महिलाओं को इस योजना का लाभ देना चाहिए. सरकार ने चुनाव में वादा किया था कि सभी लाड़ली बहनों को 3 हजार रुपए की राशि दी जाएगी. आखिर अब इसके लिए 2028 तक का इंतजार क्यों करना पड़ रहा है. सरकार इसके लिए भी आगामी विधानसभा चुनाव का इंतजार कर रही है.”

बता दें कि, विधानसभा चुनाव 2023 से पहले मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना योजना की शुरुआत की गई थी. तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 10 जून 2023 को लाड़ली बहना योजना के तहत एक हजार रु प्रति महिला के हिसाब से पहली किश्त जारी की थी. इसके बाद अक्टूबर 2023 में इस राशि को बढ़ाकर 1250 रु. कर दिया गया. मार्च 2025 में योजना के तहत 22 वीं किश्त महिलाओं को दी गई थी, जो 10 मार्च को हस्तांतरित की गई थी.

सरकार का दावा है कि, यह योजना महिलाओं को सीधे DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से जोड़कर पारदर्शिता सुनिश्चित कर रही है. हालांकि, हाल ही में करीब 3 लाख अपात्र महिलाओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जिनके खाते में नई किस्त नहीं आएगी. अब तक इस योजना के तहत ₹1,250 प्रति माह दिया जा रहा था. लेकिन आने वाले महीनों में ये बढ़कर ₹1,500 हो जाएगा. सरकार का दावा है कि इससे महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिलेगी और उनके पोषण, स्वास्थ्य व पारिवारिक फैसलों में भागीदारी को बल मिलेगा.

इस योजना का लाभ 21 से 60 साल तक की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं ले रही हैं. सरकार ने ये भी कहा है कि 2028 तक इस राशि को ₹3,000 प्रति माह तक बढ़ाने की योजना है. हालांकि हाल ही में करीब 3 लाख महिलाओं के नाम अपात्रता के कारण सूची से हटाए गए हैं. जो महिलाएं 60 साल से ज्यादा की उम्र की हैं. उनके नाम योजना से काट दिए जाते हैं. कुछ दिनों पहले ही 1.63 लाख महिलाओं के नाम योजना के लाभार्थी सूची से काटे गए हैं.

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