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गर्लफ्रेंड का दूसरे से अफेयर, शक में बॉयफ्रेंड ने कर दी हत्या… 8 महीने बाद गड्ढे में मिली सड़ी-गली लाश

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ओडिशा के खुर्दा जिले में करीब आठ महीने पहले लापता हुई युवती का शव शुक्रवार को तापंग इलाके में एक गहरे गड्ढे से बरामद हुआ है. मृतका की पहचान निरुपमा परीडा उर्फ मीता के रूप में हुई है. युवती भुवनेश्वर के भरतपुर इलाके में एक घर में केयरटेकर का काम करती थी.

निरुपमा ने इस साल 24 जनवरी को अपने परिवार से आखिरी बार बात की थी. उस दौरान निरुपमा ने बताया था कि वह अपने पैतृक गांव रणपुर लौट रही है. हालांकि युवती कभी वहां पहुंच ही नहीं पाई. युवती उसी दिन से लापता थी. परिवार ने तीन दिन बाद भरतपुर थाने में बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. जब बेटी का लंबे समय तक कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने जनप्रतिनिधियों तक से गुहार लगाई. आखिरकार 8 महीने बाद बेटी के शव मिलने की सूचना परिजनों को दी गई.

कमिश्नरेट पुलिस ने जब पूरे मामले में जांच की तो खुलासे ने सबको चौंका दिया. हत्या के पीछे मृतका का प्रेमी देबाशीष बिसोई है. आरोपी को शक हो गया था कि निरुपमा का किसी और से अफेयर चल रहा है. इसी शक के चलते उसने हत्या की साजिश रची. हत्या के दिन देबाशीष निरुपमा को लेकर खुर्दा के तापंग गया था. आरोपी ने मौका पाकर निरुपमा का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. उसकी लाश को ठिकाने लगाने के लिए निरुपमा के शव को खनन के गड्ढे में फेंक दिया. हत्या के बाद से ही आरोपी मृतका का मोबाइल फोन और बैंक कार्ड अपने साथ रखकर घूम रहा था. आरोपी ने हत्या के बाद मृतका के अकाउट से कई बार पैसे निकाले और उसका मोबाइल का इस्तेमाल भी किया.

मोबाइल की लोकेशन से मिली लीड

पुलिस ने जब जांच शुरू की तो उन्होंने नोटिस किया कि निरुपमा का मोबाइल उसकी मौत के बाद भी कई बार ऑन हुआ है. डिजिटल लोकेशन और कॉल डिटेल्स के जरिए जांच आगे बढ़ाई गई. यही इलेक्ट्रॉनिक सबूत पुलिस को आरोपी तक ले गए. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से मृतक निरुपमा का बैग, पर्स, एटीएम कार्ड और अन्य सामान बरामद किया है. पुलिस कमिश्नर ने कहा कि हत्या के पीछे की वजह देबाशीष का शक था.

परिवार में आक्रोश, न्याय की मांग

निरुपमा के परिवार को जैसे ही पता चला कि उनकी बेटी मर चुकी है, तो उनके पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. निरुपमा के लौटने की उम्मीद अब हमेशा के लिए खत्म हो गई. परिजनों ने पुलिस की अब तक की कार्रवाई की तारीफ की है और पुलिस कार्रवाई का स्वागत किया है. लेकिन वे चाहते हैं कि आरोपी को सख्त से सख्त सजा मिले. परिवार का कहना है कि रिश्तों में अविश्वास और शक के कारण उनकी बेटी की जान चली गई. अब न्याय ही उन्हें राहत देगा.

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