चंडीगढ़ : गोवा यात्रा से एक दिन पहले बिना कारण फ्लाइट रद्द करना एक एयरलाइन और ई-कॉमर्स कंपनी को भारी पड़ गया। चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने इसे अनुचित व्यापार व्यवहार करार देते हुए दोनों कंपनियों पर 20,000 रुपए का जुर्माना और 10,000 रुपए मुकदमे का खर्च भरने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, टिकट के लिए वसूल की गई 76,860 रुपए की रकम 9 प्रतिशत सालाना ब्याज सहित लौटाने का भी निर्देश दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
मोहाली के कांसल गांव निवासी नितिन गोयल ने आयोग में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उन्होंने अपने परिवार के साथ गोवा घूमने के लिए ई-कॉमर्स साइट ClearTrip से GoAir एयरलाइन की फ्लाइट बुक की थी। इसके लिए उन्होंने ₹60,860 का भुगतान किया। यात्रा से सिर्फ एक दिन पहले फ्लाइट कैंसिल कर दी गई, वह भी बिना कोई वजह बताए। गोयल ने बताया कि होटल और घूमने के पैकेज पहले से बुक थे, ऐसे में मजबूरी में उन्हें दूसरी एयरलाइन से टिकट खरीदनी पड़ी। साथ ही, वापसी की फ्लाइट न मिलने के कारण उन्हें होटल में एक अतिरिक्त दिन रुकना पड़ा, जिससे ₹16,000 का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा।
सुनवाई के दौरान एयरलाइन और ई-कॉमर्स कंपनी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे। इस पर आयोग ने कहा कि यह रवैया लापरवाही और उपभोक्ता अधिकारों की अनदेखी है। दोनों पक्ष अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते। कोर्ट ने कंपनियों को उपभोक्ता की परेशानी का दोषी मानते हुए उन्हें संयुक्त रूप से वित्तीय नुकसान की भरपाई करने का आदेश दिया। वहीं यह फैसला उन उपभोक्ताओं के लिए मिसाल है जो एयरलाइन या ऑनलाइन बुकिंग कंपनियों की मनमानी का शिकार होते हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि “सेवाओं में लापरवाही या जानकारी के अभाव में उपभोक्ता को हुई परेशानी की जिम्मेदारी कंपनियों की होती है।”
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