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Punjab में बाढ़ की तबाही के बीच बढ़ेंगी स्कूलों की छुट्टियां! पढ़ें पूरी खबर

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मानसा : बाढ़ की मार के चलते पंजाब के 8 जिलों के स्कूलों में फिर छुट्टियां बढ़ाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इन जिलों में बाढ़ लगातार तबाही मचा रही है। गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। इससे जनजीवन और यातायात समान होने में अभी कम से कम 15-20 दिन का समय लगेगा।

पूर्व संसदीय सचिव और पंजाब भाजपा के वरिष्ठ मीत प्रधान जगदीप सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार ने बाढ़ को देखते हुए राज्य भर के स्कूलों में 30 अगस्त तक छुट्टियां घोषित की हुई हैं जो कि सरकार का एक अच्छा फैसला है। लेकिन सरकार को अब खासकर सरहदी जिलों जैसे गुरदासपुर, पठानकोट, तरनतारन, अमृतसर, फिरोजपुर, होशियारपुर, फाजिल्का, कपूरथला आदि जिलों में ये छुट्टियां और बढ़ा देनी चाहिए है क्योंकि इन जिलों में अधिक्तर मालवे के लड़के-लड़कियां ही अध्यापक हैं। उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिले बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं। इन सीमावर्ती जिलों के स्कूलों में पंजाब भर से खास कर मालवा क्षेत्र से बड़ी संख्या में  अध्यापक नौकरियां कर रहे हैं। बाढ़ के कारण कई अध्यापक वहीं फंस गए हैं जो वापस नहीं लौट सके। इन सीमावर्ती जिलों में बाढ़ की स्थिति और भी गंभीर हो गई है। मौसम विभाग और मौसम विज्ञानियों की मानें तो इन जिलों को अभी बाढ़ के पानी से राहत नहीं मिलने वाली है। अगर ड्रेनों का पानी आज भी रोक लिया जाए तो कम से कम 15-20 दिनों में जनजीवन सामान्य हो सकेगा।

उन्होंने मांग की है कि सरकार कम से कम इन सीमावर्ती जिलों के स्कूलों की छुट्टियां तो बढ़ा दे ताकि दूर-दराज से आने वाले अध्यापकों और बच्चों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द ही यह फैसला लेना चाहिए और बाढ़ को देखते हुए इन छुट्टियों को तुरंत बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि पूरा प्रशासन बाढ़ को लेकर पूरी तरह गंभीर और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयार दिखाई दे रहा है। जिसे हम सोशल मीडिया और वीडियो में देख रहे हैं। लेकिन बाढ़ के खतरे को देखते हुए इन स्कूलों में छुट्टियां और बढ़ाई जानी जरूरी है, ताकि बच्चे और शिक्षक सुरक्षित रह सकें और ये स्कूल तभी खोले जाएं जब पानी की स्थिति सामान्य हो जाए और पूरा जन-जीवन पटरी पर आ जाए।

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