Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

एयरलाइन और ई-कॉमर्स कंपनी की लापरवाही, कंज्यूमर कोर्ट ने जारी किया सख्त आदेश

24

चंडीगढ़ : गोवा यात्रा से एक दिन पहले बिना कारण फ्लाइट रद्द करना एक एयरलाइन और ई-कॉमर्स कंपनी को भारी पड़ गया। चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने इसे अनुचित व्यापार व्यवहार करार देते हुए दोनों कंपनियों पर 20,000 रुपए का जुर्माना और 10,000 रुपए मुकदमे का खर्च भरने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, टिकट के लिए वसूल की गई 76,860 रुपए  की रकम 9 प्रतिशत सालाना ब्याज सहित लौटाने का भी निर्देश दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

मोहाली के कांसल गांव निवासी नितिन गोयल ने आयोग में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उन्होंने अपने परिवार के साथ गोवा घूमने के लिए ई-कॉमर्स साइट ClearTrip से GoAir एयरलाइन की फ्लाइट बुक की थी। इसके लिए उन्होंने ₹60,860 का भुगतान किया। यात्रा से सिर्फ एक दिन पहले फ्लाइट कैंसिल कर दी गई, वह भी बिना कोई वजह बताए। गोयल ने बताया कि होटल और घूमने के पैकेज पहले से बुक थे, ऐसे में मजबूरी में उन्हें दूसरी एयरलाइन से टिकट खरीदनी पड़ी। साथ ही, वापसी की फ्लाइट न मिलने के कारण उन्हें होटल में एक अतिरिक्त दिन रुकना पड़ा, जिससे ₹16,000 का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा।

सुनवाई के दौरान एयरलाइन और ई-कॉमर्स कंपनी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे। इस पर आयोग ने कहा कि यह रवैया लापरवाही और उपभोक्ता अधिकारों की अनदेखी है। दोनों पक्ष अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते। कोर्ट ने कंपनियों को उपभोक्ता की परेशानी का दोषी मानते हुए उन्हें संयुक्त रूप से वित्तीय नुकसान की भरपाई करने का आदेश दिया। वहीं यह फैसला उन उपभोक्ताओं के लिए मिसाल है जो एयरलाइन या ऑनलाइन बुकिंग कंपनियों की मनमानी का शिकार होते हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि “सेवाओं में लापरवाही या जानकारी के अभाव में उपभोक्ता को हुई परेशानी की जिम्मेदारी कंपनियों की होती है।”

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.