बिहार में चल रहे चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान यानी SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई है. इस दौरान शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा कि चुनाव आयोग ने हमारे निर्देशों का अनुपालन किया है. उसकी ओर से हलफनामा भी दिया गया है. कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा कि राजनीतिक दलों के बीएलए द्वारा आपत्तियां और दावे दर्ज कराए जाएं. 12 राजनीतिक दलों के बीएलए, जो 1.6 लाख बीएलए हैं और प्रति दस के हिसाब से 16 लाख आपत्तियां और दावे शेष दस दिनों में दर्ज करा सकते हैं. नए वोटर जुड़ रहे हैं. राजनीतिक दल के प्रतिनिधि तय तिथि तक आपत्ति और दावे की जानकारी चुनाव आयोग को मुहैया कराएं.
कोर्ट ने कहा कि हम आश्चर्यचकित हैं कि 1.6 लाख बीएलए राजनीतिक दलों के हैं और उनकी तरफ से आपत्तियां सामने नहीं आ रही हैं. वो आपत्तियां और दावे करें. हर एक वोटर का अधिकार है कि वो मतदाता बनने का आवेदन करे और आपत्ति भी दर्ज कराए. इन वोटरों की सहायता 12 राजनीतिक दलों को करनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राजनीतिक दल अपने बीएलए को निर्देश दें कि वो ब्लॉक्स, पंचायतों, रिलीफ कैंप, गांवों समेत सभी क्षेत्रों में वोटरों की सहायता करें. आधार समेत अन्य दस्तावेज, जो ग्यारह में नहीं हैं, वो मुहैया कराएं.
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