Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

कमरे में कचरे के ढेर में पड़ा था इंजीनियर, 3 साल से खुद को कर रखा था बंद… टॉयलेट से भरा था रूम; क्या थी मजबूरी?

22

नवी मुंबई से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक 55 साल के तकनीकी विशेषज्ञ ने बाहरी दुनिया से अपने आपको को अलग कर तीन साल से ज्यादा समय तक अपने फ्लैट में खुद को बंद रखा. उसका बाहरी दुनिया से एकमात्र कनेक्शन ऑनलाइन फ़ूड ऑर्डर है. हम जिसकी बात कर रहे हैं उस शक्स का नाम अनूप कुमार नायर है. कंप्यूटर प्रोग्रामर के तौर पर काम करने वाले अनूप कुमार नायर ने छह साल पहले अपने माता-पिता को खो दिया था.

उसके बाद, वह अकेलेपन के कारण डिप्रेशन में चले गए. उनके बड़े भाई ने 20 साल पहले आत्महत्या कर ली थी. एक एनजीओ को उनकी स्थिति के बारे में सूचित किया गया. इसके बाद सोशल एंड इवेंजेलिकल एसोसिएशन फॉर लव (SEAL) के कार्यकर्ता सेक्टर 24 में घरकूल सीएचएस में नायर के घर गए. एनजीओ ने प्लैट में पहुंचकर देखा तो वहांं बहुत गंदगी थी.

SEAL के पादरी केएम फिलिप ने क्या बताया?

सोशल एंड इवेंजेलिकल एसोसिएशन फॉर लव के पादरी केएम फिलिप ने बताया कि नायर अपने फ्लैट से बाहर निकलने से मना कर देते थे और लिविंग रूम में कुर्सी पर ही सोते थे. उन्होंने बताया कि फ्लैट में कोई फर्नीचर नहीं था. जब उन्होंने उनको देखा तो उनके पैर में इंफेक्शन था. उनके पड़ोसियों ने बताया कि नायर शायद ही कभी अपने फ्लैट का दरवाजा खोलता थे. वो कचरा भी बाहर नहीं निकालते थे.

पड़ोसियों ने क्या बताया?

पड़ोसियों ने बताया कि हम सोसायटी के सदस्यों को उनको कभी-कभी कचरा बाहर निकालने में मदद करने के लिए मनाना पड़ता था. हमने उनके माता-पिता की फिक्स डिपॉजिट के पैसे को उनके अकाउंट में ट्रांसफर करने में भी उनकी सहायता की थी. उनके माता-पिता की मौत के बाद उनके कुछ रिश्तेदारों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने किसी से बात करने से इनकार कर दिया.

नायर को पनवेल के सील के आश्रम में भेजा गया

इसके बाद सील के कार्यकर्ताओं ने नायर को पनवेल के सील के आश्रम में भेज दिया. नायर ने उन्हें बताया कि उनका कोई दोस्त नहीं है और उनको नौकरी भी नहीं मिल रही है. उनके माता-पिता और भाई की पहले ही मौत हो चुकी है. उनकी सेहत भी ठीक नहीं है. इसलिए नई शुरुआत की कोई उमीद नहीं है. मनोचिकित्सकों का कहना है कि परिवार के सदस्यों को खोने के बाद वो उदास हो गए थे.

मनोचिकित्सकों के अनुसार, उन्होंने खुद को बाहरी दुनिया से दूर कर लिया था. उनका कहना है कि परिवार के किसी सदस्य को खोने के बाद कुछ लोगों को अकेलापन महसूस होने लगता है. वो उदास हो जाते हैं और सामाजिक रूप से अलग-थलग पड़ जाते हैं. सौभाग्य से, हम नायर को बचाने में सफल रहे, लेकिन ऐसे अनगिनत लोग हैं जो फ्लैटों के भीतर ही मर जाते हैं और उनके शव कई दिन बाद मिलते हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.