Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Indore Spiritual Update: 81 साल बाद बना ऐसा अद्भुत योग, शहरभर में 1200 से अधिक स्वजन करेंगे पूर्वजों... MP Crime Update: बैसाखी के सहारे एसपी कार्यालय पहुंचे घायल ग्रामीण, पुलिस पर मामले में गंभीर धाराएं ... Indore Cyber and Police Update: खजराना थाना पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई, गुम हुए महंगे स्मार्टफोन उन... MP Conversion Case: दमोह में एक ही परिवार की आईडी से जुड़े बच्चों के नाम, पुलिस ने मुख्य आरोपी को दब... Uttar Pradesh Teacher Suspended: इटावा में सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल की करतूत, छात्र का मजाक उड़ाने ... RTU Kota News: हॉस्टल में बीटेक छात्र की संदिग्ध मौत पर बवाल, पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर किया ... Madhya Pradesh News: कार्य में गंभीर उदासीनता पर गिरी गाज, बड़वानी में कलेक्टर के निर्देश पर सख्त का... IMD Weather Forecast: उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक बारिश की चेतावनी, जानें अपने राज्य के मौसम का हाल Bhopal Police Action: नई साइट दिखाने के बहाने किडनैपिंग, आरोपियों ने खाते में ट्रांसफर करवाए 50 हजार... Panna Sidhi Train Service: पश्चिम मध्य रेल ने भेजा प्रस्ताव, विंध्य के इन दो जिलों में जल्द शुरू होग...

कमरे में कचरे के ढेर में पड़ा था इंजीनियर, 3 साल से खुद को कर रखा था बंद… टॉयलेट से भरा था रूम; क्या थी मजबूरी?

30

नवी मुंबई से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक 55 साल के तकनीकी विशेषज्ञ ने बाहरी दुनिया से अपने आपको को अलग कर तीन साल से ज्यादा समय तक अपने फ्लैट में खुद को बंद रखा. उसका बाहरी दुनिया से एकमात्र कनेक्शन ऑनलाइन फ़ूड ऑर्डर है. हम जिसकी बात कर रहे हैं उस शक्स का नाम अनूप कुमार नायर है. कंप्यूटर प्रोग्रामर के तौर पर काम करने वाले अनूप कुमार नायर ने छह साल पहले अपने माता-पिता को खो दिया था.

उसके बाद, वह अकेलेपन के कारण डिप्रेशन में चले गए. उनके बड़े भाई ने 20 साल पहले आत्महत्या कर ली थी. एक एनजीओ को उनकी स्थिति के बारे में सूचित किया गया. इसके बाद सोशल एंड इवेंजेलिकल एसोसिएशन फॉर लव (SEAL) के कार्यकर्ता सेक्टर 24 में घरकूल सीएचएस में नायर के घर गए. एनजीओ ने प्लैट में पहुंचकर देखा तो वहांं बहुत गंदगी थी.

SEAL के पादरी केएम फिलिप ने क्या बताया?

सोशल एंड इवेंजेलिकल एसोसिएशन फॉर लव के पादरी केएम फिलिप ने बताया कि नायर अपने फ्लैट से बाहर निकलने से मना कर देते थे और लिविंग रूम में कुर्सी पर ही सोते थे. उन्होंने बताया कि फ्लैट में कोई फर्नीचर नहीं था. जब उन्होंने उनको देखा तो उनके पैर में इंफेक्शन था. उनके पड़ोसियों ने बताया कि नायर शायद ही कभी अपने फ्लैट का दरवाजा खोलता थे. वो कचरा भी बाहर नहीं निकालते थे.

पड़ोसियों ने क्या बताया?

पड़ोसियों ने बताया कि हम सोसायटी के सदस्यों को उनको कभी-कभी कचरा बाहर निकालने में मदद करने के लिए मनाना पड़ता था. हमने उनके माता-पिता की फिक्स डिपॉजिट के पैसे को उनके अकाउंट में ट्रांसफर करने में भी उनकी सहायता की थी. उनके माता-पिता की मौत के बाद उनके कुछ रिश्तेदारों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने किसी से बात करने से इनकार कर दिया.

नायर को पनवेल के सील के आश्रम में भेजा गया

इसके बाद सील के कार्यकर्ताओं ने नायर को पनवेल के सील के आश्रम में भेज दिया. नायर ने उन्हें बताया कि उनका कोई दोस्त नहीं है और उनको नौकरी भी नहीं मिल रही है. उनके माता-पिता और भाई की पहले ही मौत हो चुकी है. उनकी सेहत भी ठीक नहीं है. इसलिए नई शुरुआत की कोई उमीद नहीं है. मनोचिकित्सकों का कहना है कि परिवार के सदस्यों को खोने के बाद वो उदास हो गए थे.

मनोचिकित्सकों के अनुसार, उन्होंने खुद को बाहरी दुनिया से दूर कर लिया था. उनका कहना है कि परिवार के किसी सदस्य को खोने के बाद कुछ लोगों को अकेलापन महसूस होने लगता है. वो उदास हो जाते हैं और सामाजिक रूप से अलग-थलग पड़ जाते हैं. सौभाग्य से, हम नायर को बचाने में सफल रहे, लेकिन ऐसे अनगिनत लोग हैं जो फ्लैटों के भीतर ही मर जाते हैं और उनके शव कई दिन बाद मिलते हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.