Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Bollywood News: टाइगर श्रॉफ ने 9 करोड़ में बेचा अपना लग्जरी फ्लैट, हाल ही में हुई फायरिंग की घटना के... Kerala Accident News: एर्नाकुलम में तेज रफ्तार मर्सिडीज का कहर, जज के नाबालिग बेटे की टक्कर से बाइक ... Delhi School Bomb Threat: स्कूल में छुट्टी पाने के लिए छात्रा ने ही दी थी बम की झूठी धमकी, दिल्ली पु... Air India Flight Cancellations: मध्यपूर्व तनाव के चलते एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बढ़ाईं ... Amit Shah Delhi Meeting: गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस और सीएम के साथ की उच्चस्तरीय बैठक, कानू... Mumbai Protest News: शिवाजी पार्क में आदिवासियों का GenZ जनआक्रोश मोर्चा आज, मंत्रियों के इस्तीफे और... Pakistan Cricket News: सलमान अली आगा की वापसी, मोहम्मद रिजवान बाहर; श्रीलंका के खिलाफ 14 सदस्यीय टेस... Mobile Market Trends India: मेमोरी चिप महंगी होने से कम हुए सस्ते फोन, लावा और एआई+ जैसे देसी ब्रांड... SIM Binding Rules in India: WhatsApp और Telegram के लिए नया नियम, सिम कार्ड हटाने पर बंद हो जाएंगे म... Sharad Purnima 2026: आज मनाई जा रही है शरद पूर्णिमा, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और संपूर्ण पौराणिक...

VIP लोगों के लिए बनाया अलग रास्ता, प्रवेश द्वार से ही निकलने लगे लोग… पुरी भगदड़ पर क्या बोले लोग, 3 की गई जान

40

ओडिशा के पुरी के गुंडिचा मंदिर में भीड़ के अचानक बेकाबू होने से लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई. इस भगदड़ में 3 लोगों की मौत हो गई और 6 लोग घायल हो गए हैं. मृतकों के परिजनों के बीच दुख का माहौल है. परिजनों का कहना है कि यह घटना पुलिस प्रशासन की लापरवाही की वजह से हुई है.

मृतक की पहचान प्रेमकांत मोहंती (80), बसंती साहू (36) और प्रभाती दास (42) के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि घटना सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच की है. लोगों का कहना कि निकास द्वार की समस्या की वजह से यह स्थिति उत्पन्न हुई है.

प्रत्यक्षदर्शी ने बताया आंखों देखा हाल

पुरी के रहने वाले स्वाधीन कुमार पंडा ने वहां का आंखों देखा हाल बयां किया. उन्होंने बताया कि मैं कल रात 2-3 बजे तक मंदिर के पास ही था. वहां साफ पता चलता था कि पुलिस प्रशासन ने प्रबंधन ठीक से नहीं किया था. उन्होंने कहा कि मंदिर में दो प्रवेश द्वार थे, जिनमें से एक से लोग प्रवेश करते थे और दूसरे से बाहर निकलते थे. उन्होंने बताया, लेकिन प्रवेश द्वार को वीआईपी के लिए नया रास्ता बनाया गया था और आम लोगों को बाहर निकलने के लिए कोई दूर का रास्ता बताया गया. दूरी की वजह से लोग प्रवेश द्वार से ही बाहर निकलने लगे, जिससे वहां भीड़ बढ़ गई और यह भयावह घटना हो गई.

उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन ने लापरवही बरती है. यहां कि यातायात व्यवस्था भी ठीक नहीं थी, क्योंकि मंदिर के पास कई गाड़ियां आ गईं और गाड़ियों का जमामवाड़ा लग गया. उन्होंने कहा कि प्रशासन ने भीड़ को ठीक से नियंत्रित नहीं किया. अगर प्रशासन चाहता तो यह दुर्घटना टाली जा सकती थी. उन्होंने बताया की सबसे बड़ी समस्या निकास द्वार की थी.

मृतक के पती ने खोली पुलिस प्रशासन की कलई

भगदड़ में अपनी पत्नी को खोने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस-प्रशासन की व्यवस्था की कलई खोलते हुए कहा कि जब यह घटना हुई, तो पुलिस या किसी अन्य अधिकारी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं की गई. उन्होंने कहा कि न ही अग्निशमन अधिकारियों ने, न ही बचाव दल ने और न ही अस्पताल की टीम ने, इनमें से किसी ने भी कोई एक्शन नहीं लिया. उन्होंने अपनी पत्नी की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक दयनीय घटना है जिसे व्यक्त नहीं किया जा सकता.

कानून मंत्री ने व्यक्त की संवेदना

राज्य कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने भगदड़ में मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की. ओड़िशा सरकार ने इस घटना को संज्ञान में लेते हुए तत्काल कार्रवाई और उच्च स्तरीय जांच का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि हम जल्द से जल्द इस घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाएं और इस घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेंगे.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.