हिन्दू धर्म में ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पंचक काल को बहुत ही अशुभ समय माना जाता है, जो चंद्रमा के धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्रों में गोचर करने से बनता है. यह अवधि लगभग पांच दिनों की होती है. इस दौरान लोगों को कुछ विशेष कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि ऐसी मान्यता है कि इन कार्यों का अशुभ प्रभाव पांच गुना बढ़ जाता है, जिससे बाद में पछतावा हो सकता है. वैसे तो राज पंचक को शुभ माना जाता है और इस दौरान कुछ विशेष मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं, लेकिन कुछ ऐसे कार्य हैं जो किसी भी प्रकार के पंचक में वर्जित माने गए हैं.
पंचांग के अनुसार, आज से ही पंचक शुरू हो रहे हैं. जून 2025 में ये राज पंचक हैं, जो 16 जून सोमवार को सुबह 11 बजकर 32 मिनट से शुरू चुके हैं. 20 जून दिन शुक्रवार को शाम 6 बजकर 49 मिनट पर समाप्त होंगे.
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.