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स्वास्थ्य विभाग के नेतृत्व में सभी जिलों में रक्तदान शिविर, हजारों लोगों ने लिया भाग, स्वास्थ्यकर्मियों ने निभाई सक्रिय भूमिका

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रायपुर। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ ने रक्तदान के क्षेत्र में अपनी प्रतिबद्धता को और सशक्त करते हुए इस वर्ष उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। राज्यभर में आयोजित 48 से अधिक रक्तदान शिविरों और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से 1500 यूनिट से अधिक रक्त का संग्रहण किया गया, जबकि लगभग 2500 नागरिकों ने स्वैच्छिक रक्तदान की शपथ ली। राज्य के 36 संचालित ब्लड बैंकों ने इस व्यापक अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने न केवल रक्तदान कर उदाहरण प्रस्तुत किया, बल्कि आमजन को इसके महत्व से अवगत कराने हेतु जागरूकता कार्यक्रमों में भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई।

इस अवसर पर आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. प्रियंका शुक्ला ने स्वयं रक्तदान कर इस पुनीत कार्य में भागीदारी निभाई और नागरिकों से नियमित रक्तदान की अपील की। उन्होंने कहा, “रक्तदान न केवल जीवन रक्षक कार्य है, बल्कि यह समाज में मानवीय एकता और करुणा का प्रतीक भी है। हर स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान अवश्य करना चाहिए।”

प्रदेशभर में इस दिन को लेकर उत्साहजनक माहौल देखने को मिला। सभी जिला अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और ब्लड बैंक संस्थानों में नागरिकों, विद्यार्थियों, समाजसेवियों और शासकीय सेवकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

भीमराव अंबेडकर अस्पताल, रायपुर के जूनियर डॉक्टरों द्वारा भी  सेवा-भावना से प्रेरित होकर किए गए स्वैच्छिक रक्तदान ने इस अभियान को ऊर्जा प्रदान की ।

स्वास्थ्य कर्मियों ने दिखाई प्रतिबद्धता

प्रदेश के लगभग सभी जिलों में स्वास्थ्यकर्मियों ने सेवा-भावना से प्रेरित होकर रक्तदान किया। यह अभियान विभाग की जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष उदाहरण है, जिसमें अधिकारियों से लेकर मैदानी अमले तक ने स्वयं भागीदारी निभाकर एक सशक्त सामाजिक संदेश दिया। ब्लड बैंकों ने रक्त संग्रहण प्रक्रिया को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने हेतु विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं।

इस दौरान रक्तदाताओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया और उनके योगदान की सराहना की गई। यह आयोजन राज्य के स्वास्थ्य ढांचे में मानवता, सहभागिता और संवेदनशीलता के समन्वय का प्रतीक बनकर सामने आया।

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