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हादसे की तह तक पहुंचने की जद्दोजहद, जांच में जुटीं एजेंसियों के सामने ये चुनातियां

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एअर इंडिया विमान हादसे को 24 घंटे हो चुके हैं. अलग-अलग एजेंसियां ये पता लगाने में जुटी हैं कि आखिरकार हादसे की वजह क्या है? टीवी9 भारतवर्ष से खास बातचीत में फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के डॉ नरेश ने कहा कि हमारी पहली कोशिश है कि जल्द से जल्द एविडेंस इकट्ठा किया जाएं, जिससे जांच में एविडेंस से वो सबूत मिल सकें, जिससे कि घटना के सही कारणों का पता चल सके.

डॉ नरेश ने कहा कि अहमदाबाद का तापमान चालीस डिग्री से ऊपर है. ऐसे में एविडेंस के कॉन्टैमिनेटेड होने का खतरा है. यही वजह है कि फॉरेंसिक टीम ज्यादा से ज्यादा कोशिश करके एविडेंस इकट्ठा करने की कोशिश कर रही है.

डीएनए सैंपल महत्वपूर्ण

डॉ नरेश ने कहा कि लोगों के शरीर के अंग अभी भी इस इलाके में हैं. ऐसे में उसे इकट्ठा करके उसकी सैंपलिंग जरूरी है. अभी तक 205 DNA सैंपल लिए गए हैं. करीब 240 शव अभी तक निकाले गए. कुछ और शव मलबे में दबे हो सकते हैं. इन्हीं को ढूंढने की कोशिश जारी है.

पूरे इलाके को नो मूवमेंट जोन बनाया गया

डॉ नरेश ने कहा कि जिस जगह पर यह घटना हुई है, उसे पुलिस ने नो मूवमेंट जोन बना दिया है. वहां केवल एजेंसियों को काम करने की इजाजत है. यहां से फॉरेंसिक टीम सैंपल इकट्ठा करके जांच के लिए ले जा रही हैं.

डीएनए सैंपलिंग में वक्त लगता है

डॉ नरेश ने कहा कि गुजरात में तकनीक तौर पर काफी कुछ फॉरेंसिक एरिया में काम हुआ है. यहां पर बाहर से एविडेंस जांच के लिए आते हैं. ऐसे में चूंकि सैंपल की संख्या अधिक है, इसलिए थोड़ा वक्त लग सकता है लेकिन जल्द हो जाएगा.

विमान हादसे में एटीएस को नया क्लू मिला है. एटीएस ने मलबे से एक डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर बरामद किया है. फॉरेंसिक टीम इसकी जांच करेगी. ये डीवीआर सीसीटीवी की तरह काम करता है. ये प्लेन में लगे कैमरों से वीडियो कैप्चर करता है. ये केबिन को भी कवर करता है. इससे पायलट को बाहर देखने में मदद मिलती है.

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