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भारतीय बाजार पर पड़ी दोहरी मार, प्लेन क्रैश के बाद ईरान इजराइल वॉर ने किया लहूलुहान

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प्लेन क्रैश और मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के हालात ने भारतीय बाजार को दोहरी मार दी है. अहमदाबाद में एयर इंडिया के प्लेन क्रैश होने के बाद 13 जून को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली. इज़राइल की ओर से ईरान पर एयरस्ट्राइक किए जाने की खबर के बाद ग्लोबल मार्केट में तनाव बढ़ गया, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा. भारतीय शेयर बाजार खुलते ही लहूलुहान हो गए. जहां सेंसेक्स 1,264 अंकों की गिरावट के साथ 80,427 पर खुला, जबकि निफ्टी 415 अंकों की गिरावट के साथ 24,473 के स्तर पर पहुंच गया.

प्री-ओपनिंग सेशन में ही भारी गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल बन गया है. मार्केट पर ग्लोबल जियोपॉलिटिकल टेंशन का सीधा असर साफ नजर आ रहा है.

सेंसेक्स निफ़्टी का हाल

शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार भारी दबाव में नजर आया. सुबह 9:16 बजे सेंसेक्स 1,136.88 अंक यानी 1.55% गिरकर 80,555.09 पर आ गया, जबकि निफ्टी 332.95 अंक यानी 1.67% लुढ़ककर 24,555.25 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा. यह गिरावट मुख्य रूप से इज़राइल-ईरान टकराव की आशंका के चलते वैश्विक बाजारों में बने दबाव का असर है.

एयरलाइन कंपनियों के स्टॉक्स में गिरावट

वहीं, अहमदाबाद में एयर इंडिया के विमान हादसे का असर एविएशन सेक्टर पर साफ नजर आया. फ्लाइट सेफ्टी को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच इंडिगो (इंटरग्लोब एविएशन) और स्पाइसजेट के शेयरों में शुरुआती कारोबार में लगभग 5% की गिरावट दर्ज की गई. गुरुवार को हुए इस दर्दनाक हादसे में विमान में सवार 242 में से लगभग सभी यात्रियों की जान चली गई, जिसे बीते एक दशक का सबसे बड़ा विमान हादसा बताया जा रहा है.

इसके अलावा बोइंग का शेयर करीब 5% की गिरावट के साथ 203.60 डॉलर पर बंद हुआ. इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) का शेयर 3.31% की गिरावट के साथ 5446.35 रुपये पर बंद हुआ था. वहीं स्पाइसजेट के शेयर में 2.40% की गिरावट आई और यह 44.40 रुपये पर बंद हुआ था. हादसे के बाद इंडिगो का शेयर 5420 रुपये पर आ गया था. वहीं स्पाइसजेट का शेयर 44.29 रुपये तक लुढ़क गया था

सेंसेक्स के 30 स्टॉक्स लाल

बाजार खुलते ही सेंसेक्स की सभी 30 कंपनियों के शेयरों ने लाल निशान में कारोबार शुरू किया. जबकि, निफ्टी 50 की 50 में से सिर्फ 1 कंपनी का शेयर ही बढ़त के साथ हरे निशान में खुला और बाकी की सभी 49 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में खुले. आज सेंसेक्स की कंपनियों में शामिल लार्सन एंड टुब्रो के शेयर सबसे ज्यादा 2.77 प्रतिशत की गिरावट के साथ खुला.

गिरावट के बड़े कारण

  • इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव इस गिरावट का सबसे बड़ा और प्रमुख कारण है. दोनों देशों के बीच खराब होते हालात का असर पूरी दुनिया के बाजारों पर पड़ रहा है.
  • ईरान कच्चे तेल का बड़ा निर्यातक देश है. ईरान पर इजरायल के हमले के बाद आज कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है. अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आज कच्चे तेल की कीमतें 11 प्रतिशत से बड़े उछाल के साथ 76 डॉलर प्रति बैरल से भी ऊपर पहुंच गई हैं. ऐसे में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने का सीधा असर पूरी दुनिया के कारोबार पर पड़ेगा.
  • मिडल-ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से सोने की खरीदारी में भारी-भरकम उछाल आया है. निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए सोने का रुख कर रहे हैं.

क्रूड ऑयल की कीमतों ने तोड़ा 2 महीने का रिकॉर्ड

मिडल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने एक बार फिर वैश्विक ऊर्जा बाजार को झटका दिया है. शुक्रवार को तेल की कीमतों में जोरदार उछाल देखा गया, जब इज़राइल ने दावा किया कि उसने ईरान पर हमला किया है. इस खबर के बाद ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई (WTI) दोनों बेंचमार्क कच्चे तेल की कीमतें 5% से ज्यादा बढ़ गईं और यह फरवरी के बाद पहली बार दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं.

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