Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

अकबर ने राजकुमारी से नहीं, नौकरानी से की थी शादी…राज्यपाल ने किया दावा

35

राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने यह दावा करके विवाद खड़ा कर दिया कि मुगल बादशाह अकबर ने राजकुमारी से नहीं बल्कि आमेर की एक महल की नौकरानी से शादी की थी. उन्होंने सदियों पुरानी ऐतिहासिक सहमति को चुनौती दी और ब्रिटिश इतिहासकारों पर भारत के अतीत को विकृत करने का आरोप लगाया. महाराणा प्रताप की जयंती की पूर्व संध्या पर बुधवार को बागड़े ने कहा कि ऐसा कहा जाता है कि जोधा और अकबर ने शादी की थी.

उन्होंने कहा कि इस कहानी पर एक फिल्म भी बनाई गई थी. इतिहास की किताबें भी यही कहती हैं, लेकिन यह झूठ है. बागड़े ने कहा कि अकबर की पत्नी कोई शाही नहीं बल्कि एक नौकरानी की बेटी थी और आमेर के राजा भारमल ने शादी की व्यवस्था की थी, लेकिन इसमें कोई राजकुमारी शामिल नहीं थी.

अकबरनामा का दिया हवाला

अकबर हरिभाऊ ने अपने दावे के समर्थन में अकबरनामा में जोधाबाई का कोई उल्लेख न होने का हवाला दिया. अकबरनामा अकबर के शासनकाल का आधिकारिक रिकॉर्ड है. ऐतिहासिक रूप से माना जाता है कि अकबर ने रणनीतिक गठबंधन के तहत 1569 में भारमल की बेटी से शादी की थी. इतिहासकार उसे हरका बाई या मरियम-उज़-ज़मानी के नाम से जानते थे.

राज्यपाल ने कहा कि महाराणा प्रताप ने कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया. इतिहास में अकबर के बारे में ज्यादा पढ़ाया जाता है और महाराणा प्रताप के बारे में कम. हालांकि, राज्यपाल बागड़े ने कहा कि अब स्थिति में सुधार हो रहा है. उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में हमारी संस्कृति और गौरवशाली इतिहास को संरक्षित करते हुए नई पीढ़ी को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है.

राज्यपाल बागड़े ने महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज की देशभक्ति के प्रतीक के रूप में प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि उनके जन्म में 90 साल का अंतर है. अगर वे समकालीन होते तो देश का इतिहास अलग होता. दोनों को वीरता और देशभक्ति के एक ही नजरिए से देखा जाता है. राज्यपाल बागड़े ने यह भी कहा कि उनके सम्मान में महाराष्ट्र के संभाजीनगर में महाराणा प्रताप की घुड़सवार प्रतिमा स्थापित की गई है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.