Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
India's Fastest Metro: भारत की सबसे तेज मेट्रो की रफ्तार ने चौंकाया, अब घंटों का सफर मात्र 30 मिनट म... India AI Impact Summit 2026: बिहार में तकनीक का नया दौर, राज्य सरकार ने ₹468 करोड़ के MoU पर किए हस्... Mamata Banerjee vs EC: "चुनाव आयोग की हिम्मत कैसे हुई?" सुप्रीम कोर्ट के नियमों के उल्लंघन पर भड़कीं... Delhi Kidnapping: पहले विश्वास जीता, फिर दूध पिलाने के बहाने बच्चा लेकर फरार! दिल्ली के अंबेडकर हॉस्... Rape Case Verdict: दुष्कर्म मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का बड़ा फैसला, दोषी को 7 साल की कड़ी सजा और ... Bhupinder Hooda on Crime: "हरियाणा में वही सुरक्षित है जिसे कोई मारना नहीं चाहता"—बढ़ते अपराध पर हुड... Haryanvi Singer Harsh Gupta Arrested: हरियाणवी सिंगर हर्ष गुप्ता गिरफ्तार, पुलिस ने इस गंभीर मामले म... High-Tech Fraud: पेमेंट का फर्जी मैसेज दिखाकर लाखों के गहने ले उड़ा ठग, शातिर की तलाश में जुटी पुलिस Rohtak Gangwar: रोहतक में सरेआम गैंगवार, गोगा की 20 से अधिक गोलियां मारकर हत्या, CCTV में कैद हुई खौ... Haryana Vivah Shagun Yojana: हरियाणा में बेटी की शादी के लिए मिलेंगे 71,000 रुपये, जानें क्या है पात...

भाजपा विधायक ने अपनी ही सरकार पर खड़े किए सवाल, कहा – हम आरक्षित सीट के प्रतिनिधि हैं इसलिए कोई नहीं सुन रहा

15

गुना। मध्य प्रदेश के गुना को नगर निगम बनाने की प्रक्रिया के बीच विधायक पन्नालाल शाक्य अपनी ही सरकार और प्रशासन से नाराज हो गए हैं। गुना शहर के नजदीक स्थित हरिपुर ग्राम पंचायत को नगर निगम से बाहर रखने की चर्चा को संज्ञान में आने पर पन्नालाल शाक्य ने जिला प्रशासन से दो टूक कह दिया है कि या तो हरिपुर को नगर निगम में शामिल किया जाए या फिर गुना को नगर निगम ही न बनाया जाए। गुना विधायक ने सरकार से अपनी नाराजगी का भी इजहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हम आरक्षित सीट के प्रतिनिधि हैं, इसलिए हमारी कोई सुन नहीं रहा है। हम पहले भी गुना को संभाग बनाने और गुना में इनकम टैक्स ऑफिस खोलने का प्रस्ताव दे चुके हैं, लेकिन इन प्रस्तावों को दबा दिया गया और यह बार-बार हो रहा है।

विधायक पन्नालाल शाक्य ने नगर निगम बनाने की शुरुआती प्रक्रिया से लेकर अब तक की स्थिति के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि उनके पूर्व कार्यकाल में गुना को नगर निगम बनाने की घोषणा पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने लाल परेड मैदान में की थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने प्रक्रिया शुरु की। नगरपालिका ने 36 गांवों की सूची दी, जिसके आधार पर नक्शा तैयार किया गया। तत्कालीन कलेक्टर ने इस नक्शे को शानदार बताया। जिसमें हरिपुर भी शामिल था। अब नक्शे से हरिपुर पंचायत को हटाने की बात हो रही है। प्रशासन की ऐसी कौन सी मजबूरी है जो किसी की असहमति से उस पंचायत को नगर निगम में नहीं मिलाना चाहते। यदि ऐसा है तो मैं भी असहमति देता हूं कि गुना को नगर निगम न बनाया जाए। इसलिए मैं सीएम और प्रभारी मंत्री को मैसेज करूंगा, जहां तक लडऩा है वहां तक लड़ाई लड़ूंगा।

पन्नालाल शाक्य से पत्रकारों से पूछा कि उनके हिसाब से ऐसी क्या वजह हो सकती है कि हरिपुर को नगर निगम के नक्शे से हटाया जा रहा है? इस पर विधायक ने बताया कि हरिपुर के ग्रामीणों को यह कहकर भड़काया जा रहा है कि नगर निगम बनने से हरिपुर में विकास नहीं होगा। वे लाड़ली बहना, किसान सम्मान निधि, आयुष्मान योजना, मुफ्त का अनाज अच्छी तरह समझते हैं, नगर निगम के बारे में किसने उकसाया यह पता करना होगा। विधायक ने दावा किया है कि हरिपुर को नगर निगम बनाने की बात पर ज्योतिरादित्य सिंधिया भी सहमत थे।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.