Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
क्या भारत में नागरिकों को हासिल है पूरी आजादी? जानिए संविधान प्रदत्त 11 अधिकारों के साथ जुड़ी अहम का... क्या NDA में होगा बड़ा विस्तार? परिसीमन और महिला आरक्षण बिल के बीच DMK, NCP और अकाली दल के साथ आने क... महाराष्ट्र के सांगली में बड़ा हादसा: रेणावी घाट में दो ST बसों की आमने-सामने भीषण टक्कर स्वतंत्रता दिवस 2026: दिल्ली मेट्रो की विशेष व्यवस्था, लाल किला और जामा मस्जिद के लिए सुबह 4 बजे से ... अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महंत परमहंस रामचंद्र दास के स्मृति समारोह में हुए शामिल 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन, देशवासि... PM मोदी और विदेश नीति पर टिप्पणी से गरमाई सियासत: राजनाथ सिंह और एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी को घेरा,... CJI सूर्य कांत विवाद के बाद सुर्खियों में NALSAR यूनिवर्सिटी, BCI ने वापस लिया निलंबन फैसला 4,200 करोड़ के लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब 15 अगस्त को देश मनाएगा 80वां स्वतंत्रता दिवस, लाल किले पर समारोह के दौरान मौसम पर टिकीं निगाहें

दुबई से बैठकर भारत में लग्जरी गाड़ियों की चोरी, पार्ट्स को काटकर ब्लैक मार्केट में बेचते; चाचा-भतीजे के गैंग की कहानी

38

दिल्ली पुलिस की सिमी ब्रांच (ARSC) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराष्ट्रीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस गैंग के तार दुबई से जुड़े पाए गए हैं, जहां से इसका मास्टर माइंड शारिक साठा और उसका भतीजा आमिर पाशा पूरे नेटवर्क को चला रहे थे. पुलिस ने अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से 15 महंगी चोरी की गाड़ियां बरामद की हैं. इसके अलावा नकली नंबर प्लेट, फर्जी आरसी और डुप्लीकेट चाबियां भी बरामद की गई हैं.

क्राइम ब्रांच की डीसीपी अपूर्वा गुप्ता ने बताया कि इस पूरे ऑपरेशन की शुरुआत आरोपी ताज मोहम्मद उर्फ ताजू की गिरफ्तारी से हुई, जिसे 18 अगस्त 2024 को पकड़ा गया था. पूछताछ में ताज ने गिरोह के पूरे ढांचे का खुलासा किया. इसके बाद पुलिस ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में छापेमारी कर अन्य आरोपियों को पकड़ा. 26 फरवरी 2025 को aतीन और आरोपियों को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर पकड़ा गया, जब वो चोरी की गाड़ियों को लेकर जा रहे थे.

गिरोह का मास्टरमाइंड दुबई से करता था संचालन

क्राइम ब्रांच की डीसीपी ने बताया कि गिरोह का मास्टर माइंड शारिक साठा और आमिर पाशा दुबई से पूरे नेटवर्क का संचालन करते थे. वह तकनीकी उपकरण जैसे कि की-प्रोग्रामर, ब्लैंक चाबी और जीपीएस स्कैनर भारत भेजते थे. गिरोह के सदस्य एक-दूसरे की पहचान नहीं रखते थे, जिससे पुलिस तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था. ताज मोहम्मद के अलावा गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इमरान खान उर्फ गुड्डू, कुनाल जयसवाल, अकबर, मतीन खान, नागेंद्र सिंह, मनीष आर्य और नदीम के रूप में हुई है.

पुलिस ने ये गाड़ियांं की बरामद

डीसीपी ने बताया कि पुलिस ने कुल 15 लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं, जिनमें हुंडई क्रेटा, किआ सेल्टोस, टोयोटा फॉर्च्यूनर, मारुति स्विफ्ट, और इनोवा जैसी महंगी कारें शामिल हैं. अपूर्वा गुप्ता ने बताया कि गिरोह का काम करने का तरीका अलग था. गाड़ियां कम निगरानी वाले इलाकों से चुनी जाती थीं. फिर हाईटेक उपकरणों की मदद से गाड़ियों के सुरक्षा सिस्टम हैक कर उन्हें चुराया जाता था. जीपीएस ट्रैकर निष्क्रिय किए जाते थे, ताकि गाड़ियों का पता न चल सके.

क्राइम ब्रांच अब भी इस केस में कर रही छापेमारी

इसके बाद गाड़ियां अलग-अलग राज्यों में भेजी जाती थीं, जहां या तो उन्हें पूरा बेच दिया जाता या पार्ट्स में काटकर ब्लैक मार्केट में बेचा जाता था. कारों को चुराने के लिए चाबी और खास मशीने चीन से आती थीं. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच अब भी इस केस में छापेमारी कर रही है. मुख्य आरोपी शारिक साठा और आमिर पाशा समेत कुछ सदस्य अभी फरार हैं, जिनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया गया है.

शारिक साठा के ऊपर दिल्ली पुलिस ने मकोका लगाया है. दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि संगठित अपराध और हाईटेक वाहन चोरी पर लगाम लगाना अब उसकी प्राथमिकता बन चुका है. इस कामयाबी ने न केवल कई चोरी के मामलों को सुलझाया है, बल्कि एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह को भी तोड़ा है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.