Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Aman Arora on Ram Mandir Donation: अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर गरमाई सियासत, आप नेता अमन अर... Farooq Abdullah on Article 370: फारूक अब्दुल्ला का बड़ा बयान, सुप्रीम कोर्ट का फैसला गैर-कानूनी— जम्... AISA Leader Neha Bora Delhi High Court: छात्र नेता नेहा बोरा ने दिल्ली हाई कोर्ट में दी पुलिस नोटिस ... Alwar Love Story Murder: अलवर में लिव-इन में रह रही 5 महीने की प्रेग्नेंट प्रेमिका की पीट-पीटकर हत्य... Darjeeling Black Deer Sighting: पश्चिम बंगाल के डाउ हिल जंगलों में दिखा दुर्लभ काला हिरण, पर्यटकों औ... Noida EWS LIG Flats: नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना क्षेत्र में सस्ते घर पाने का मौका, बिल्डरों को रखन... Bagaha Kidnapping Case: बिहार के बगहा में 9 साल के बच्चे का अपहरण और 20 लाख की फिरौती मांगने वाले 4 ... IGI Airport Gold Smuggling: दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग की बड़ी कार्रवाई, 4.03 करोड़ का सोना जब्त Tiger Shroff Car Firing: मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग, राजस्थान के कोटा... Manipur Violence News: इंफाल में सीएम आवास के बाहर प्रदर्शनकारियों ने रखा शव, भीड़ को हटाने के लिए प...

घर में हर वक्त रहती है कलह, तो हो सकता है पितृदोष का संकेत, जानें इसके कारण

34

पितृ दोष एक तरह का ज्योतिषीय दोष है, जो पितरों (पूर्वजों) के सम्मान न करने के कारण उत्पन्न होता है. ऐसा माना जाता है कि जब पूर्वजों की आत्माएं तृप्त नहीं होती हैं, तो वे अपने वंशजों को कष्ट देती हैं. अगर पितरों का सही श्राद्ध, तर्पण या पिंडदान नहीं किया जाता है, तो भी व्यक्ति पितृ दोष से पीड़ित हो सकता है.

ऐसा भी देखा गया है कि घर में बालक के जन्म लेने के कुछ समय पश्चात ही मृत्यु हो जाती है, परिवार में खुशी के अवसर पर वह अतृप्त आत्मा कुछ उम्मीद करती है कि उसे भी परिवार के अन्य सदस्यों के साथ सम्मानित किया जाए, खुशी में शामिल किया जाए, शायद इसीलिए दीपावली त्यौहार के दिन पितरों के लिए सुबह जल कपड़ा आदि निकालकर रखा जाता है, पूजा की जाती है. इसी प्रकार विवाह के अवसर पर पितरों के लिए वर पक्ष के लोग वधू पक्ष से पितरों के लिए कुछ वस्तुओं जैसे सफेद कपड़ा इत्यादि की मांग करते हैं और जहां पर यह रीति रिवाज होते हैं वहां अक्सर दिक्कत नहीं आती है. वहीं, जहां ऐसे रिवाज को नहीं माना जाता वहां अक्सर परेशानी देखी गई है.

कब होता है कुंडली में पितृदोष?

सूर्य हमारे पितृ हैं और जब राहु की छाया सूर्य पर पड़ती है तब सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम हो जाता है यानी जब राहु सूर्य के साथ बैठा हो या राहु पंचम भाव में हो, सूर्य राहु के नक्षत्र में हो या पंचम भाव का अप नक्षत्र स्वामी राहु के नक्षत्र में हो तब ऐसी स्थिति में कुंडली के आधार पर पितृ दोष कहा जाता है.

पितृदोष का वास्तु से संबंध

पितृ दोष का संबंध वास्तु से भी अक्सर देखा गया है जिन कुंडलियों में पितृदोष होता है उनके घर में अक्सर कुछ ऐसे वास्तु दोष देखे गए हैं-

ईशान कोण या नैतृत्य कोण में शौचालय जरूर होता है.

नैतृत्य कोण में शौचालय का होना या डस्टबिन का होना या फिर नाली का होना.

दक्षिण पश्चिम में गंदगी होना जो राहु की नकारात्मक ऊर्जा को कई गुना बढ़ा देता है. वैवाहिक रिश्तों पर भी इसका प्रभाव पड़ता है

अगर नेतृत्व में वास्तु दोष होता है तो वैवाहिक जीवन में बहुत सारी परेशानी आती है यहां तक की कई बार तलाक तक बात पहुंच जाती है.

अगर किसी व्यक्ति के घर में बिना किसी कारण के बार-बार झगड़ा होते हो तो नेतृत्व त्रिकोण में वास्तु दोष जरूर होगा.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.