दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बड़ी समस्या है, जिसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है. बिगड़ती वायु गुणवत्ता पर बढ़ती चिंताओं के बीच पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आज सोमवार को (21 अप्रैल) दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के अध्यक्ष, सचिव (पर्यावरण) और प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की.
मंत्री सिरसा ने दिए ये निर्देश
1- अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों, संस्थानों और निर्माण स्थलों की पहचान और उन पर कार्रवाई.
2- धूल नियंत्रण मानदंडों का उल्लंघन करने वाले निर्माण कार्यों को तत्काल निलंबित करना.
3- सभी बड़े पैमाने पर परियोजना स्थलों और प्रदूषण हॉटस्पॉट पर पानी के छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन की तैनाती.
4- स्कूल क्षेत्रों और अस्पतालों सहित संवेदनशील क्षेत्रों में वास्तविक समय में वायु गुणवत्ता की निगरानी.
5- धूल प्रदूषण का कारण बनने वाली कच्ची सड़कों और खुले डंपिंग पॉइंट के खिलाफ कार्रवाई.
नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई का आदेश
उन्होंने अंतर-विभागीय समन्वय का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यावरणीय जिम्मेदारी किसी एक विभाग की नहीं बल्कि सभी का सामूहिक कर्तव्य है. मंत्री ने एमसीडी और डीपीसीसी टीमों को दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया और नियमों का दोबारा उल्लंघन करने पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई पर जोर दिया.
‘दिल्ली देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं कर सकती’
बैठक में उन्होंने साफ कहा कि दिल्ली देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं कर सकती. हर अधिकारी को इसे स्वास्थ्य आपातकाल के रूप में लेना चाहिए. बैठक का समापन जन जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देशों के साथ हुआ, जिसमें विशेष रूप से आरडब्लूए, बाजारों और निर्माण एजेंसियों को लक्षित किया गया.
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