Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

जनता में आशंका है… सुप्रीम कोर्ट को लेकर ऐसा क्या बोले BJP सांसद दिनेश शर्मा, जिस पर BJP ने बनाई दूरी

22

बीजेपी सांसद दिनेश शर्मा और निशिकांत दुबे ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट को लेकर बयान दिया है. सांसदों के इस बयान से बीजेपी ने दूरी बना ली है और पार्टी ने न्यायालय पर की गई टिप्पणियों से खुद को अलग कर लिया है.

बीजेपी सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, मैंने निशिकांत दुबे का बयान नहीं सुना है. मैं सुप्रीम कोर्ट पर भी टिप्पणी नहीं करता हूं, जनता में एक आशंका होती है, जब बाबा साहब ने संविधान बनाया उन्होंने संसद और न्यायपालिका का वर्णन बहुत साफ रूप में किया है.

दिनेश शर्मा ने क्या बयान दिया?

दिनेश शर्मा ने कहा, जो नियम बनाने का, कानून बनाने का जो काम है वो पार्लियामेंट करेगा. यानी संसद करेगा, राज्यसभा करेगा. उस नियम का पालन हो रहा है या नहीं हो रहा है इसके संबंध में जो भी मॉनिटिरिंग है वो न्यायालय का काम है.

हर चीज अपने आप में साफ है. भारत के संविधान के अनुसार कोई भी संसद को राज्यसभा और लोकसभा को निर्देश नहीं दे सकता क्योंकि राष्ट्रपति के दस्तखत हो गए, राष्ट्रपति को कोई चुनौती नहीं दे सकता है. तो यह बातें लोगों के मन में आती है. मैं समझता हूं कि यह लोकतंत्र के लिए भी जरूरी है जो श्रद्धा का भाव जनता का न्यायालय के प्रति है वो बना रहे इसीलिए जो यह सारी चीजें उठ रही है वो नहीं उठनी चाहिए.

निशिकांत दुबे का बयान

बीजेपी सांसद दिनेश शर्मा से पहले निशिकांत दुबे ने सुप्रीम कोर्ट और जस्टिस संजीव खन्ना को लेकर बयान दिया. उन्होंने कहा, इस देश में जितने गृह युद्ध हो रहे हैं इस के जिम्मेदार सिर्फ यहां के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना साहब है. सुप्रीम कोर्ट अपनी सीमा से बाहर जा रहा है, सुप्रीम कोर्ट की सीमा यह है कि भारत के संविधान ने जिस कानून को बनाया, उस कानून की उसको व्याख्या करनी है. अगर वो व्याख्या नहीं कर सकती है और सब कुछ के लिए सुप्रीम कोर्ट जाना है तो फिर संसद का विधानसभा का कोई मतलब नहीं है, इसको बंद कर देना चाहिए.

बीजेपी ने बनाई दूरी

सांसदों के इस बयान ने बीजेपी पार्टी ने दूरी बना ली है. पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा, सांसद निशिकांत दुबे और दिनेश शर्मा का न्यायपालिका और देश के चीफ जस्टिस पर दिए गए बयान से भारतीय जनता पार्टी का कोई लेनादेना नहीं है. यह इनका व्यक्तिगत बयान है, लेकिन बीजेपी ऐसे बयानों से न तो कोई इत्तेफाक रखती है और न ही कभी भी ऐसे बयानों का समर्थन करती है. बीजेपी इन बयान को सिरे से खारिज करती है.

बीजेपी ने हमेशा ही न्यायपालिका का सम्मान किया है, उनके आदेशों और सुझावों को स्वीकार किया है क्योंकि एक पार्टी के नाते हमारा मानना है कि सर्वोच्च न्यायालय सहित देश की सभी अदालतें हमारे लोकतंत्र का अभिन्न अंग हैं और संविधान के संरक्षण का मजबूत आधार स्तंभ हैं. मैंने इन दोनों को और सभी को ऐसे बयान ना देने के लिए निर्देशित किया है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.