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बैसाखी मौके ब्यास दरिया में डूबे तीसरे नौजवान की ला+श बरामद, मचा कोहराम

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 बैसाखी वाले दिन दरिया ब्यास में नहाने गए चार नौजवानों के डूबने पर जहां 2 नौजवानों की लाशें तो उसी दिन मिल गई थी, परंतु अन्य 2 नौजवानों की लाशों को तलाशने के लिए एन.डी.आर.एफ. की टीमों और 2 गांवों के लोगों द्वारा लगातार किए जा रहे सहयोग के कारण शुक्रवार को तीसरे नौजवान की लाश भी गांव निवासियों को मिल गई। जिसका नाम विकासदीप बताया जा रहा है। इस संबंधी समाज सेवी व समिति सदस्य बब्बू खैड़ा ने बताया कि बैसाखी के दिन गांव पीरेवाल के 4 नौजवानों की दरिया ब्यास में नहाने गए, वहीं उन्की डूबने के साथ मौत हो गई थी। इन चारों नौजवानों में से 2 नौजवानों की पहले ही तलाश कर ली गई थी, जिनके नाम जसपाल सिंह और आकाशदीप सिंह थे और गत दिन जिस नौजवान की लाश मिली है, उसका नाम विकासदीप सिंह है।

चौथा नौजवान गुरप्रीत सिंह अभी भी लापता है। जिसकी तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया कि एन.डी.आर.एफ. की टीमों भले ही नौजवानों की लाशों को तलाशने के लिए 5 दिन तकजुटी रही, परंतु उनके हाथ अभी कुछ भी नहीं आया। उन्होंने बताया कि दोनों गांव किशन सिंह वाला व पीरेवाल गांव के लोगों ने बहुत बड़ा सहयोग दिया है। उन्होंने बताया कि भले ही एन.डी.आर.एफ. की टीमों की लाशों को तलाशने में लगी रही, परंतु उनके हाथ कुछ भी नहीं आया। बब्बू खैड़ा ने बताया कि हमनें अपनी ओर से गोताखोर मंगवाए थे और इन गांव निवासियों के सहयोग से ही संभव हो पाया है। उन्होंने प्रशासन व सरकार से अपील की कि इन नौजवानों के परिवारजन बहुत गरीब हैं और इन परिवारों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी व वित्त मदद तुरंत दी जाए।

पारिवारिक सदस्य व गांव निवासियों ने सरकार व प्रशासन के प्रति किया रोष जाहिर
मृतक तीसरे नौजवान विकासदीप के चाचा कुलदीप सिंह ने अध्यक्ष और सरकार के प्रति रोष जाहिर करते हुए कहा कि हमें तो प्रशासन व सरकारों ने हमेशा भेड़-बकरियों की भांति समझा है। उन्होंने कहा कि हम खुद किश्ती लेकर गांव निवासियों के सहयोग से बिना किसी भी जैकेट से तलाश करने में लगे रहे, परंतु एन.डी.आर.एफ. की टीमों, जिनके पास सभी साधन थे, उन्होंने तलाशने के लिए केवल खानापूर्ति की। पहले भी 2 लाशें गांव निवासियों को मिली थी और अब तीसरी भी गांव निवासियों को मिली है। उन्होंने कहा कि हम अपनी जान पर खेल कर अपने नौजवानों की तलाश कर रहे हैं और हमें ऐसी सरकार व प्रशासन से कोई उम्मीद भी नहीं है।

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