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Ludhiana के बिगड़े हालात, सरेआम हो रहा ये काम, अफसर-मुलाजिम के साथ मिलीभगत!

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लुधियाना: ताजपुर रोड स्थित मछली मार्कीट में स्थिति गंभीर होती जा रही है। प्रशासन के आदेशों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है और मछलियों की कटाई सरेआम हो रही है। यह स्थिति और भी विकट हो गई है क्योंकि मछलियों को धोने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला पानी बिना ट्रीटमैंट के बुड्ढे नाले में बहा दिया जा रहा है। यहां पर सरेआम मांगूर मछली बेची जा रही है। ऊपर से लेकर नीचे तक विभाग के हर अफसर-मुलाजिम के साथ इनकी मिलीभगत है।

फार्म हाउसों पर सरेआम पैदा की जा रही मछली, नहीं होती छापेमारी
उधर, मछली कारोबार से जुड़े कुछ लोगों ने अपने फार्म हाऊस तक खोल रखे हैं। इन फार्म हाऊसों पर अवैध ढंग से मछली पैदा की जा रही है। यहां तक कि प्रतिबंधित मांगूर मछली की भी यहां पैदा की जा रही है। उधर, प्रशासन इस मामले में कुंभकर्णी नींद सो रहा है। इसी वजह से इन फार्म हाऊंसों पर छापेमारी तक नहीं की जा रही है। शहर में नाकों से सरेआम मछली निकलती है, फिर भी प्रतिबंधित मछली मंडी तक पहुंच रही है।

एस.टी.पी. बंद होने से हो रही गंदगी की समस्या
मछली मार्कीट में मछलियों को धोने के लिए लाखों लीटर पानी का उपयोग किया जाता है लेकिन इस पानी का ट्रीटमेंट करने वाला एस.टी.पी. (सीवेज ट्रीटमैंट प्लांट) कई सालों से बंद पड़ा है। नतीजतन, यह गंदा पानी बिना ट्रीटमैंट के सीधे बुड्ढे नाले में फैंक दिया जाता है, जो न केवल पर्यावरण के लिए खतरनाक है, बल्कि आसपास की बस्ती के लोगों की सेहत के लिए भी गंभीर खतरे का कारण बन सकता है।

बायो वेस्ट का अव्यवस्थित निस्तारण
मछली मार्केर्कीट में बायो वेस्ट का निस्तारण भी नियमों के अनुसार नहीं हो रहा है। दुकानदार मछलियों की सफाई और कटाई के बाद इसका सही तरीके से निस्तारण नहीं कर रहे हैं जिससे आसपास के इलाके में गंदगी फैल रही है और संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (पी.पी.सी.बी.) के अफसरों की लापरवाही के कारण इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।

सी.ई.टी.पी. बंद रहने से वातावरण हो रहा प्रदूषित
मछली मार्कीट के बायो वेस्ट और गंदे पानी का निस्तारण करने के लिए पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने सी.ई.टी.पी. प्लांट स्थापित किया था लेकिन यह प्लांट पिछले कई सालों से बंद पड़ा है। पी.पी.सी.बी. के अफसरों को इस बारे में पूरी जानकारी है, फिर भी इसे चालू नहीं किया गया। इस कारण से मछली मार्कीट से निकलने वाली गंदगी का निस्तारण नहीं हो पा रहा और वातावरण में प्रदूषण बढ़ रहा है।

बुड्ढा नाला प्रोजैक्ट पर असर
मछली मार्कीट से निकलने वाली गंदगी और सीवेज बुड्ढे नाले में मिल रहे हैं जिससे 650 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे बुड्ढा नाला प्रोजैक्ट पर असर पड़ रहा है। यह प्रोजैक्ट नगर निगम और पंजाब सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना थी लेकिन मछली मार्कीट से हो रही गंदगी के कारण इस पर पड़ने वाला असर उसकी सफलता को संकट में डाल रहा है। मार्कीट कमेटी की अफसर जरूरी नहीं समझती फोन उठाना वहीं, इस संबंध में जब मार्कीट कमेटी की अफसर सुखविंदर कौर से संपर्क किया गया तो उन्होंने बार-बार फोन करने पर भी कोई उत्तर देना जरूरी नहीं समझा।

मामले में की जा रही है कार्रवाई : एस.ई.
उधर, इस संबंध में जब पी.पी.सी.बी. के एस.ई. कुलदीप सिंह से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि इस संबंध में कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद ही मामले में अगली कदम उठाया जाएगा।

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