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कालाष्टमी के दिन काल भैरव को ऐसे करें खुश, टल जाएगा हर संकट!

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हिन्दू धर्म में कालाष्टमी पर्व का बहुत अधिक महत्व होता है. इस दिन भगवान काल भैरव की बड़े ही विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है. कालाष्टमी का पर्व हर महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन भगवान काल भैरव की पूजा करने से भक्तों के जीवन से सभी संकट और परेशानियां दूर हो जाती हैं. कालाष्टमी के दिन, भगवान काल भैरव की पूजा करने से भक्तों को भय और शत्रुओं से मुक्ति मिलती है. काल भैरव की पूजा करने से शनि दोष से भी मुक्ति मिलती है. काल भैरव भक्तों को धन, समृद्धि और सफलता प्रदान करते हैं. काल भैरव की पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा से भी मुक्ति मिलती है.

पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 22 मार्च को सुबह 4 बजकर 23 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 23 मार्च को सुबह 5 बजकर 23 मिनट पर समाप्त होगी. निशा काल में भगवान काल भैरव की पूजा विशेष महत्व है. ऐसे में 22 मार्च को चैत्र माह की कालाष्टमी मनाई जाएगी.

इसी दिन इसका व्रत और भगवान काल भैरव का पूजन किया जाएगा. इस दिन निशा काल में पूजा का शुभ मुहूर्त देर रात 12 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगा. ये मुहूर्त 12 बजकर 51 मिनट पर समाप्त हो जाएगा.

काल भैरव की पूजा विधि

  • कालाष्टमी के दिन, सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें.
  • भगवान काल भैरव की मूर्ति या चित्र को पूजा स्थल पर स्थापित करें.
  • उन्हें फूल, फल, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें.
  • काल भैरव मंत्रों का जाप करें और काल भैरव चालीसा का पाठ करें.
  • कालाष्टमी के दिन, भगवान काल भैरव को उड़द की दाल से बने व्यंजन, जैसे कि उड़द की दाल की कचोरी या उड़द की दाल का हलवा, का भोग लगाएं.
  • आप उन्हें काले तिल से बनी चीजें भी अर्पित कर सकते हैं.
  • यदि संभव हो, तो कालाष्टमी के दिन काल भैरव मंदिर जाएं और वहां उनकी पूजा करें.
  • मंदिर में गरीबों और जरूरतमंदों को दान करें.
  • काला कुत्ता भगवान काल भैरव का वाहन माना जाता है. इसलिए, कालाष्टमी के दिन काले कुत्ते को भोजन कराना बहुत शुभ माना जाता है.

काल भैरव के मंत्रों का करें जाप

  • कालाष्टमी के दिन, काल भैरव के मंत्रों का जाप करना बहुत फलदायी होता है.
  • आप “ॐ काल भैरवाय नमः” या “ॐ श्री बटुक भैरवाय नमः” मंत्र का जाप कर सकते हैं.
  • कालाष्टमी के दिन, काल भैरव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है.
  • कालाष्टमी के दिन, गरीबों और जरूरतमंदों को काले वस्त्र, काले तिल या काले चने का दान करना बहुत शुभ माना जाता है.

कालाष्टमी का महत्व

कालाष्टमी के दिन विधि-विधान से पूजा करने पर काल भैरव की कृपा से भक्तों के जीवन से सभी संकट और परेशानियां दूर हो जाती हैं. काल भैरव भक्तों को भय और शत्रुओं से मुक्ति दिलाते हैं और काल भैरव भक्तों को धन, समृद्धि और सफलता प्रदान करते हैं. काल भैरव की पूजा करने से शनि दोष से भी मुक्ति मिलती है और कालाष्टमी के दिन काल भैरव की पूजा करने से भक्तों को सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त होती है.

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