Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Election Commission: दिल्ली, पंजाब और उत्तराखंड समेत 23 राज्यों में कब लागू होगा SIR? चुनाव आयोग ने ... India-UAE Relations: AI समिट के बहाने भारत-यूएई रिश्तों को नई रफ्तार, पीएम मोदी से मिले क्राउन प्रिं... Delhi Politics: दिल्ली की जनता को फिर याद आए अरविंद केजरीवाल! आम आदमी पार्टी ने बीजेपी सरकार की कार्... Bihar Politics: राज्यसभा की 5 सीटों के लिए बिछी सियासी बिसात, पांचवीं सीट के लिए ओवैसी (AIMIM) बनेंग... Atal Canteen: गरीबों को भरपेट भोजन देने का संकल्प! दिल्ली के कृष्णा नगर से 25 नई 'अटल कैंटीनों' का भ... Vaishno Devi to Shiv Khori: मां वैष्णो देवी से शिवखोड़ी की यात्रा हुई आसान, हेलीकॉप्टर से सिर्फ 20 म... Indian Army: LoC पर घुसपैठ की बड़ी कोशिश नाकाम, राजौरी में आतंकियों का मददगार गिरफ्तार; सेना का 'डबल... BJP Leader Threat: लॉरेंस गैंग का खौफ! बीजेपी नेता को दी विधायक से 2 करोड़ की रंगदारी वसूलने की सुपा... Bomb Threat: दिल्ली-NCR के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी! आज फिर आईं कई फेक कॉल्स, जांच एजेंसियों ... CAA Case: नागरिकता कानून पर सुप्रीम कोर्ट में 5 मई से शुरू होगी निर्णायक सुनवाई, 200 से ज्यादा याचिक...

पेमेंट नहीं हुई पूरी तो मरीज को डॉक्टरों ने ICU में रस्सियों से बांधा, वीडियो वायरल होने पर अस्पताल ने बताई असली वजह

27

मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से एक मरीज का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था. इसमें एक 27 वर्षीय व्यक्ति ने एक निजी अस्पताल के प्रशासन पर आरोप लगाया कि बकाया न चुकाने के चलते उसे बंधक बना लिया गया था. अस्पताल वालों ने उसकी हालत पर भी तरस न खाया. उल्टा उसके परिवार को परेशान कर रहे थे कि पैसा लाओ. मरीज किसी तरह वहां से भाग निकला और बाहर आकर अस्पताल की सच्चाई बताई. इस पर अब अस्पताल की सफाई भी सामने आई है.

साथ ही अस्पताल प्रशासन ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई है. यह घटना तब सामने आई जब मरीज, जिसका नाम बंटी निनामा बताया जा रहा है, बुधवार को जीडी अस्पताल के आईसीयू से कथित रूप से भाग निकला. सोशल मीडिया पर उसका वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उसने अस्पताल वालों के व्यवहार के बारे में सबको चीख-चीखकर बताया था.

युवक ने आरोप लगाया कि अस्पताल के अधिकारियों ने उसकी पत्नी से कहा कि उसकी हालत गंभीर है और उसके इलाज के लिए महंगी दवाओं की जरूरत है. निनामा ने कहा, ‘मैंने स्टाफ से अपने परिवार के सदस्यों से मिलने की अनुमति मांगी, लेकिन उन्होंने मुझे बिस्तर से बांध दिया और मुझे अपने परिवार से मिलने नहीं दिया. किसी तरह मैं भागने में सफल रहा और बाहर आ गया.’

मरीज के आरोपों को खारिज किया

अस्पताल प्रशासन ने गुरुवार को जारी एक बयान में इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि निनामा अस्पताल को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है. बयान में कहा गया कि निनामा को रविवार को अपने पड़ोसियों के साथ झगड़े में लगी चोटों के कारण सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था. एक दिन बाद, उसे जीडी अस्पताल लाया गया.

मरीज ने हंगामा करना शुरू कर दिया

बुधवार को, निनामा को होश आया और उसने अस्पताल के स्टाफ से अपने परिवार के बारे में पूछना शुरू किया. साथ ही यह भी कहा, ‘मरीज ने हंगामा करना शुरू कर दिया और स्टाफ पर हमला किया और आईसीयू स्टाफ को जान से मारने की धमकी देने लगा. उसने आईसीयू छोड़ दिया और वीडियो बनाकर अस्पताल को बदनाम किया.’ अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि उन्होंने निनामा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.