Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
BJP MLA Slogan Viral: 'नरेंद्र मोदी अमर रहे' का नारा लगाकर घिरे सिंगरौली के भाजपा विधायक; जानें क्या... UPI Transaction Fee Rules: UPI से भुगतान पर लगेगा अतिरिक्त शुल्क? व्यापारियों ने जताया विरोध, वित्त ... Ganesh Utsav Vidisha: बंटी नगर में सजी 'गोकुलधाम सोसाइटी' की अनोखी झांकी; सिद्ध गणेश मंदिर में लगी भ... Asian Games 2026 Women's Cricket: सेमीफाइनल में बांग्लादेश से भिड़ेगी टीम इंडिया, मैच बारिश से धुला ... KBC 18 Episode Update: छत्तीसगढ़ की कपिला तनेजा की दर्द भरी कहानी सुनकर नम हुईं बिग-बी की आंखें, जान... Pakistan Kohat Mosque Blast: खैबर पख्तूनख्वाह की मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान जोरदार धमाका, 5 जव... US Fed Rate Hike and Crypto Market: ब्याज दरों में बढ़ोतरी से क्यों घबराते हैं क्रिप्टो निवेशक, जानि... iPhone 18 Pro Max vs iPhone 17 Pro Max Comparison: कीमत, फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स में जानें कौन सा फ... Ganesh Visarjan Vastu Tips: बप्पा की विदाई के बाद नारियल के इन अचूक उपायों से घर में बरसेगी मां लक्ष... Air Travel Costly News: बिना साथी बच्चों और इन्फेंट ट्रेवल फीस में भारी बढ़ोतरी, जेब पर पड़ेगा सीधा ...

ओवैसी से यूपी का हिसाब महाराष्ट्र में बराबर करने की फिराक में अखिलेश यादव

45

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी मुस्लिम सियासत के जरिए खुद को राष्ट्रीय राजनीति में स्थापित करने में जुटे हैं तो सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी अपनी पार्टी का विस्तार कर रहे हैं. मुस्लिम वोटों के चलते अखिलेश यादव और ओवैसी का रिश्ता हमेशा से छत्तीस का रहा है. ऐसे में अब इसे संयोग कहिए या फिर प्रयोग असदुद्दीन ओवैसी से उत्तर प्रदेश का सियासी हिसाब अखिलेश यादव ने महाराष्ट्र चुनाव में बराबर करने की रणनीति बनाई है.

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में सपा ने पूरे दमखम के साथ लड़ने की स्ट्रेटेजी बनाई है. अखिलेश यादव अपने मिशन-महाराष्ट्र का आगाज मुस्लिम बहुल इलाके से ही नहीं कर रहे हैं बल्कि असदुद्दीन ओवैसी की महाराष्ट्र में सियासी प्रयोगशाला की जमीन रही है. सपा प्रमुख शुक्रवार को महाराष्ट्र के दो दिन के दौरे पर पहुंच रहे हैं. शुक्रवार को अखिलेश महाराष्ट्र में मालेगांव में रहेंगे तो अगले दिन शनिवार को धुले में एक कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. इन दोनों ही सीटों पर ओवैसी की पार्टी AIMIM का सियासी आधार ही नहीं बल्कि विधायक रहे हैं.

महाराष्ट्र में ओवैसी की पार्टी

अखिलेश यादव महाराष्ट्र में असदुद्दीन ओवैसी के गढ़ से चुनावी हुंकार भरकर मुस्लिमों को साधने की कवायद करेंगे. 2019 विधानसभा चुनाव में मालेगांव सेंट्रल और धुलिया सिटी विधानसभा सीट जीतकर AIMIM ने सबको चौंका दिया था. इससे पहले 2014 के चुनाव में औरंगाबाद सेंट्रल और भायखला सीट पर जीत का परचम ओवैसी की पार्टी ने फहराया था. इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में औरंगाबाद सीट पर जीत दर्ज की थी. इस तरह यह कहा जाने लगा है कि महाराष्ट्र में मुसलमानों को कांग्रेस और एनसीपी का सियासी विकल्प AIMIM मिल गई है.

अखिलेश यादव ने बनाया प्लान

महाराष्ट्र के मुसलमानों के बीच ओवैसी लगातार अपनी गहरी पैठ जमाने में जुटे हैं, जिसके लिए लगातार ये बातें कह रहे हैं कि कांग्रेस और एनसीपी सिर्फ मुस्लिमों का वोट लेना जानती हैं. इसके अलावा न ही मुस्लिमों के मुद्दों से कोई मतलब है और न ही मुस्लिमों को प्रतिनिधित्व देना चाहते हैं. ओवैसी अपनी ऐसी ही बातों से महाराष्ट्र के मुस्लिमों के बीच अपना सियासी आधार मजबूत करने में लगे हैं. ओवैसी के सियासी मंसूबों पर पानी फेरने का प्लान अखिलेश यादव ने बनाया है.

अखिलेश यादव और ओवैसी

अखिलेश यादव की नजर भी महाराष्ट्र में उसी मुस्लिम वोट बैंक पर है, जिसके जरिए ओवैसी किंगमेकर बनने का ख्वाब देख रहे हैं. अखिलेश यादव और ओवैसी के सियासी रिश्ते छत्तीस के रहे हैं. ओवैसी यूपी में अपनी पार्टी का विस्तार कर रहे हैं तो अखिलेश को लगता है कि AIMIM उनके मुस्लिम वोटों में सेंधमारी कर रही है. ऐसे में ओवैसी की पार्टी आरोप लगाती रही है कि मुसलमान नेताओं से सपा सिर्फ दरी बिछाने का काम करवाती है. इस तरह ओवैसी से यूपी का हिसाब महाराष्ट्र में अखिलेश कर रहे हैं.

सपा के मुस्लिम विधायक

अखिलेश यादव का महाराष्ट्र दौरा मुस्लिम बहुल इलाकों में रखा गया है, जिससे उनकी महाराष्ट्र की सियासत को समझा जा सकता है. सपा का महाराष्ट्र में सबसे अच्छा प्रदर्शन 2009 में था, जब उसने 4 सीटें जीती थीं, लेकिन 2014 में यह संख्या घटकर एक रह गई और 2019 में दो विधायक ही जीत सके. सपा के दो विधायक हैं, जिनमें एक शिवाजी नगर से अबू आजमी और दूसरी भिवंडी पूर्व सीट से रईस शेख हैं. इससे पहले भी सपा के विधायक मुस्लिम ही चुने जाते रहे हैं.

ऐसे बंटेंगे मुस्लिम वोट?

सपा ने 2024 के विधानसभा चुनाव में जिन सीटों पर चुनाव लड़ने का प्लान बनाया है, उसमें से ज्यादातर सीटें मुस्लिम बहुल हैं. मुंबई क्षेत्र की मानकोर शिवाजी नगर, भायखला, वर्सोवा के अलावा मुंबई से सटे ठाणे की भिवंडी ईस्ट, भिवंडी वेस्ट दोनों सीटों पर चुनाव लड़ने का प्लान सपा का है. इसके अलावा धूलिया और औरंगाबाद जैसी मुस्लिम बहुल सीटों पर भी अपने उम्मीदवार उतारने की पूरी तैयारी कर रखी है. इसी इलाके के सहारे ओवैसी की भी महाराष्ट्र में किंगमेकर बनने की रणनीति है, लेकिन सपा के उतरने से मुस्लिम वोटों के बिखरने का खतरा बन गया है.

सपा की INDIA से डिमांड

महाराष्ट्र में अखिलेश यादव इंडिया गठबंधन में ठीक-ठाक भागीदारी चाहते हैं. सपा ने 12 सीटों की डिमांड रखी है, जिसमें से पांच से छह सीटें मिलने की उम्मीद है. सपा उन्हीं सीटों पर अपनी दावेदारी कर रही हैं, जहां पर मुस्लिम वोटर बड़ी संख्या में है और ओवैसी की पार्टी का दबदबा रहा है. ऐसे में साफ है कि अखिलेश यादव यूपी का सियासी हिसाब ओवैसी से महाराष्ट्र में करना चाहते हैं. AIMIM के सियासी गढ़ में चुनौती देकर यह संदेश देना चाहते हैं कि मुस्लिम समुदाय ओवैसी पर नहीं बल्कि अखिलेश यादव पर भरोसा करता है. ऐसे में देखना है कि महाराष्ट्र के मुस्लिमों पर कौन कितना दम दिखा पाता है?

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.