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महाराष्ट्र में अजित पवार को झटका! विधायक बबनराव शिंदे ने की बगावत, शरद पवार की पार्टी में होंगे शामिल

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महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव को लेकर पाला बदल तेज हो गया है. नाराज पार्टी नेताओं के दूसरी पार्टी में शामिल होने की होड़ मच गई है और अब अजित पवार गुट के विधायक बबनराव शिंदे ने एनसीपी शरद पवार के साथ जाने का ऐलान किया है. बबनराव ने बगावत का ऐलान करते हुए कहा कि उनके बेटे रणजीत सिंह शिंदे या तो एनसीपी (एसपी) में शामिल होंगे या फिर निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे.

बता दें कि लोकसभा चुनाव में माढ़ा लोकसभा क्षेत्र का घटनाक्रम खूब चर्चा में रहा था और अब विधानसभा चुनाव से पहले फिर भी राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है.

बीजेपी के तत्कालीन माढ़ा के सांसद रणजीत सिंह नाइक निंबालकर को बीजेपी ने टिकट दिया था. लेकिन मोहित पाटिल, जो उस समय भाजपा में थे, भी इच्छुक थे. उन्होंने पहले ही उम्मीदवार बनने की इच्छा जाहिर कर दी थी. लेकिन फिर भी पार्टी ने उन पर विचार नहीं किया. इससे नाराज होकर मोहित पाटिल राष्ट्रवादी शरद पवार गुट में शामिल हो गए और उन्हें वहां से नामांकन मिल गया.

दूसरी ओर, रंजीतसिंह नाइक निंबालकर का अजित पवार गुट के वरिष्ठ माधा नेता रामराजे निंबालकर ने विरोध किया था और अंततः मोहित पाटिल ने जीत हासिल की थी.

बबनराव शिंदे ने बगावत का किया ऐलान

अब माढ़ा विधानसभा क्षेत्र में अजित पवार गुट के विधायक बबनराव शिंदे हैं. वह पिछले छह बार से विधायक चुने जाते रहे हैं, लेकिन बबनराव शिंदे अब चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं. वह इस चुनाव में अपने बेटे रणजीत सिंह शिंदे को मैदान में उतारना चाहते हैं. लेकिन इस सीट पर महागठबंधन में शामिल शिवसेना भी दावा कर रही है. चर्चा है कि स्वास्थ्य मंत्री तानाजी सावंत के भाई इस सीट पर चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं.

उधर, बबनराव शिंदे शरद पवार से मुलाकात की है. मुलाकात के बाद बबनराव शिंदे ने शुक्रवार को बड़ा ऐलान किया है. अजित पवार समूह के विधायक बबनराव शिंदे घोषणा की है कि उनके बेटा तुतारी (एनसीपी शरद पवार का चुनाव चिह्न) से या फिर निर्दलीय चुनाव लड़ेगा. विधायक बबनराव शिंदे ने कहा कि महागठबंधन का मामला खत्म हो गया है.

बबनराव शिंदे ने शरद पवार से की मुलाकात

उन्हंने कहा कि वह अपने बेटे रणजीत सिंह शिंदे को तुतारी से या फिर स्वतंत्र चुनाव लड़ाएंगे. उन्होंने कहा कि मैं 38 साल से शरद पवार के साथ राजनीति कर रहा हूं. इसलिए मैंने शरद पवार से मुलाकात की है. शरद पवार से टिकट की मांग की गई है. मुझे नहीं पता कि वे टिकट देंगे या नहीं. लेकिन अगर शरद पवार इस साल के चुनाव में मेरे बेटे रणजीतसिंह को टिकट देते हैं, तो ठीक होगा, अन्यथा उन्हें स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेंगे.

जब विधायक बबनराव शिंदे से उनके भतीजे धनराज शिंदे की बगावत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हमारे घर का मुद्दा खत्म हो गया है. रंजीत सिंह मोहित पाटिल की उम्मीदवारी के सवाल पर बबनराव शिंदे ने जवाब दिया कि हमें किसी से कोई चुनौती नहीं है. यह गन्ने की कीमत पर राजनीति करने का समय नहीं है. मैं उन चर्चों के बारे में बात नहीं करना चाहता. एफआरपी से अधिक दरों का भुगतान करना उनकी परिस्थितियों पर निर्भर करता है, लेकिन जिनके पास स्थिति नहीं है वे भी दरें घोषित कर रहे हैं.

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