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तिल के तेल का दीपक जलाने से क्या ग्रहों के दोष से मिल जाती है मुक्ति?

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हिंदू धर्म में तिल के तेल का दीपक जलाना एक प्राचीन और पवित्र परंपरा है. माना जाता है कि तिल के तेल का दीपक जलाने से वातावरण शुद्ध होता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, तिल के तेल का दीपक जलाने से ग्रह दोषों का निवारण होता है. पूजा के दौरान दीपक जलाना भी जरूरी माना जाता है. दीपक के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है और भगवान के सामने घी का तेल का दीपक जलाकर पूजा संपन्न की जाती है. हिंदू धर्म में अलग-अलग तेल का दीपक जलाने का अपना-अपना महत्व है. सरसों के तेल की अपेक्षा तिल के तेल का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है. इस तेल का दीपक जलाने से लोगों को कई तरह के फायदे मिलते हैं.

तिल के तेल का दीपक जलाने से वातावरण में व्याप्त नकारात्मकता समाप्त होती है, जिससे वातावरण शुद्ध बना रहता है. इससे साधक को मानसिक शांति भी प्राप्त होती है. इसके अलावा मुख्य द्वार पर तिल के तेल का दीपक जलाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और साधक पर अपनी दया दृष्टि बनाए रखती हैं. साथ ही इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का भी प्रवेश नहीं होता है.

शास्त्रों के अनुसार, तिल का तेल बहुत शक्तिशाली माना जाता है. इसे देवताओं को अर्पित करने से वे प्रसन्न होते हैं. तिल के तेल का विशेष महत्व शनि ग्रह से जोड़ा जाता है और माना जाता है कि शनि के प्रकोप को शांत करने में यह बहुत कारगर है.

कुंडली से दूर होता है ग्रहदोष

तिल का तेल के दीपक जलाने से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है, जिससे साधक के कार्यक्षेत्र में तरक्की के योग बनते हैं. साथ ही इससे कुंडली में चंद्रमा की स्थिति भी मजबूत होती है ग्रहों के दोष से भी छुटकारा मिलता है.

इन बातों का रखें खास ध्यान

तिल के तेल का दीपक जलाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. जैसे तिल के तेल का दीपक जलाने के लिए लाल धागे की बत्ती सबसे अच्छी मानी जाती है. तिल के तेल का दीपक देवी-देवताओं की बाईं हाथ की तरफ जलाना चाहिए. साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि पूजा के बीच में दीपक बुझना नहीं चाहिए, वरना इसका पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है.

तिल के तेल का महत्व

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, तिल का तेल जलाने से वातावरण में एक सुगंध फैलती है जो मन को शांत करती है और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है. तिल के तेल का दीपक जलाने से शनि दोष, राहु-केतु दोष आदि ग्रह दोषों का निवारण होता है. तिल का तेल देवताओं को अर्पित करने से वे प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं. तिल के तेल का दीपक जलाने से मन शांत होता है और तनाव दूर होता है.

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