Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Rahul Gandhi on US Tariff Ruling: टैरिफ पर अमेरिकी कोर्ट के फैसले के बाद राहुल गांधी का पीएम मोदी पर... Assam Demography Change: अमित शाह का कांग्रेस पर बड़ा हमला: धुबरी और नागांव में बदली डेमोग्राफी, पूछा... गजब का धोखा! इंदौर के वकील साहब जिसे 'साला' समझकर घर लाए, वो निकला पत्नी का बॉयफ्रेंड; ऐसे खुला चौंक... IAS अधिकारी की बढ़ी मुश्किलें! दिल्ली विधानसभा ने पंजाब के अफसर को किया तलब, गुरुओं के अपमान के आरोपो... PM मोदी की मेरठ यात्रा से पहले बड़ी साजिश? बाबरी मस्जिद के नाम पर चंदा मांगने का आरोप, विधायक ने जता... Rajasthan Cyber Cell Alert: ऑनलाइन गेम के जरिए आतंकी भर्ती का खुलासा; राजस्थान साइबर सेल की माता-पित... श्रीनगर में सेना की गाड़ी के साथ बड़ा हादसा! अनियंत्रित होकर नहर में गिरा CRPF का बुलेटप्रूफ वाहन, 9... सियासी घमासान: अर्धनग्न प्रदर्शन पर CM रेखा के बिगड़े बोल! कांग्रेस ने याद दिलाया गांधी का त्याग, सि... Janakpuri Road Accident News: दिल्ली के जनकपुरी में सड़क हादसे में बच्ची की मौत, समय पर मदद न मिलने ...

भांग की कमाई से दूर होगा हिमाचल सरकार का आर्थिक संकट! सदन में प्रस्ताव पेश

17

हिमाचल प्रदेश की सरकार इस समय बड़ा आर्थिक संकट झेल रही है. संकट से घिरी प्रदेश ने अब कमाई का नया तरीका निकाला है. सरकार अब भांग से कमाई करेगी. भांग की खेती को लीगल करने और भांग के औषधीय व इंडस्ट्री सेक्टर में इस्तेमाल करने के लिए कांग्रेस सरकार ने इसका प्रस्ताव विधानसभा सदन में रखा. हिमाचल सरकार के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस प्रतिवेदन को सदन के पटल पर रखा और इस पर चर्चा के बाद, सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया.

हिमाचल प्रदेश सरकार ने भांग की खेती को कानूनी मान्यता देने के लिए एक समिति का गठन किया है. इस समिति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य शामिल हैं. समिति की अध्यक्षता राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी कर रहे हैं, और इसमें सीपीएस सुंदर ठाकुर, न्यूरो सर्जन और भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज, भाजपा विधायक हंसराज, और द्रंग से भाजपा के विधायक पूर्ण ठाकुर भी शामिल हैं.

2018 में शुरू हुई थी चर्चा

ये समिति भांग की खेती के अलग-अलग पहलुओं का अध्ययन करने के लिए उत्तराखंड का दौरा कर चुकी है. इसके अलावा, समिति के सदस्यों ने हिमाचल के कई क्षेत्रों का भी दौरा किया ताकि वे स्थिति का सही आकलन कर सकें. समिति की रिपोर्ट पिछले साल विधानसभा में पेश की गई थी.

इस मुद्दे पर चर्चा तब शुरू हुई जब 2018 में एडवोकेट देशिंदर खन्ना ने हिमाचल हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि राज्य सरकार को भांग की खेती को कानूनी बनाने के लिए उचित निर्देश दिए जाएं. यह मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचा. भांग की खेती के कई फायदे हैं और ये राज्य के लिए राजस्व का एक बड़ा सोर्स बन सकता है. कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी कहा है कि यह पहल राजस्व बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है.

क्या होंगे फायदे?

माना जा रहा है कि भांग की खेती को कानूनी मान्यता देने से कई फायदे होंगे. भांग से कई प्रकार की दवाइयाँ बनाई जाती हैं, और अगर इसकी खेती की जाती है, तो ये राजस्व का एक जरूरी सोर्स बन सकता है. इसलिए हिमाचल सरकार भांग की खेती को कानूनी मान्यता देने के लिए गंभीरता से विचार कर रही है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.