Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
रांची के कांके रोड पर बेकाबू ट्रैक्टर का तांडव: आधा दर्जन बाइक-स्कूटी को रौंदा, एक गंभीर रूप से घायल जौनपुर की शाहजहां बानो बनीं 'प्रतीक्षा': सनातन धर्म अपनाकर बरेली के आश्रम में प्रेमी पवन संग रचाया व... गुरुग्राम के सूरत नगर में MNC कर्मचारी की संदिग्ध हालात में मौत, फंदे से लटकता मिला शव बरेली दहेज हत्या मामले में अदालत का बड़ा फैसला, 5 साल के मासूम की गवाही पर ससुर दोषमुक्त मंदसौर में घर की सीढ़ियों पर बैठा दिखा विशालकाय मगरमच्छ! चीख पड़ी महिला, वन विभाग ने रेस्क्यू कर चंब... बिहार में रेल नेटवर्क का बड़ा विस्तार: 976 करोड़ की लागत से दानापुर-फतुहा के बीच बिछेगी नई रेल लाइन,... देश में मंदिर चढ़ावा चोरी पर सियासत तेज, राज ठाकरे का दावा— "सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल 18 करोड़ ... मानसून का रौद्र रूप! यूपी, बिहार समेत 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; दिल्ली में तूफानी हवाओं की... जबलपुर में महिला आरक्षक से पहचान छिपाकर दुष्कर्म और धर्मांतरण का दबाव, एसपी दफ्तर पहुंची पीड़िता नेपाल में कांवड़ यात्रा से पहले झंडे को लेकर भड़की हिंसा: भारत सीमा से लगे 5 जिलों में कर्फ्यू, सरका...

मेघालय में भीषण कोयला खदान हादसा: जोरदार धमाके में 16 मजदूरों की दर्दनाक मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

18

मेघालय में ईस्ट जैंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को एक कोयला खदान में बड़ा हादसा हुआ. खदान में धमाके से 16 मजदूरों की मौत हो गई. सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन सहित SDRF टीम मौके पर पहुंच गई और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. जानकारी के मुताबिक, ताशखाई की इस कोयला खदान में जब धमाका हुआ, उस समय खदान के अंदर कई मजदूर काम कर रहे थे, जो धमाके की चपेट में आ गए. अब तक 16 मजदूरों के मौत हुई है. कई के अंदर फंसे होने की आशंका है. मृतकों में सभी मजदूर असम के रहने वाले बताए जा रहे हैं.

DGP आई नोंगरंग ने दी जानकारी

ताशखाई की यह कोयला खदान ईस्ट जैंतिया हिल्स जिले में है. गुरुवार को इसी कोयला खदान में धमाका होने से 16 मजदूरों की मौत हो गई. मेघायल के DGP आई नोंगरंग ने बताया कि यह घटना थांगस्कू इलाके में हुई. घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. लोकल पुलिस-प्रशासन और SDRF टीम लगी हुई है.

हादसे की जांच में जुटी पुलिस

DGP आई नोंगरंग ने बताया कि अभी तक हमने 16 शव बरामद किए हैं, लेकिन धमाके के समय खदान के अंदर मौजूद लोगों की संख्या के बारे में सटीक जानकारी नहीं है. कई लोगों के फंसे होने की आशंका है. मौके पर मौजूद स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि धमाके के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है. शुरुआती तौर पर खदान में गैस रिसाव या तकनीकी खामी को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है. हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी.

मेघायल में ‘रैट-होल’ माइनिंग पर बैन

वहीं शुरुआती जांच में यह पता चला कि यह रैट-होल कोयला खदान थी, जो अवैध रूप से संचालित की जा रही थी. NGT ने 2014 में मेघालय में रैट-होल कोयला खदान पर बैन लगा दिया था. NGT ने हवाला दिया था कि इससे पर्यावरण को नुकसान और सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है. रैट-होल कोयला खदानों में पतली सुरंगें खोदी जाती हैं, जो आम तौर पर 3-4 फ़ीट ऊंची होती हैं, ताकि मजदूर अंदर जाकर कोयला निकाल सकें. सुप्रीम कोर्ट ने भी रैट होल माइनिंग के बैन को बाद में सही ठहराया था.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.