Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Ganga-Yamuna Expressway Link: यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा गंगा एक्सप्रेसवे, 16 गांवों की 740 एकड़ ज... Bilaspur Crime News: बिलासपुर में सराफा कारोबारी से बड़ी उठाईगिरी, बाइक सवार तीन लुटेरों ने दिनदहाड़... Devi Ahilyabai Holkar Airport News: इंदौर एयरपोर्ट का होगा कायाकल्प: 1 करोड़ यात्री क्षमता के लिए अप... Railway News Update: होली पर कंफर्म टिकट की टेंशन खत्म! रेलवे ने चलाई फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें, आज से... Gwalior News Update: सवर्ण समाज का ग्वालियर में शक्ति प्रदर्शन: आरक्षण और UGC के मुद्दों पर लामबंद ह... Shocking Incident: 5 दिनों तक मां की लाश के साथ रहा परिवार, पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो मंजर देख रह गई ... भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा प्रोजेक्ट! 2600 करोड़ की सड़क बनने से पहले ही धंसी, ओवरब्रिज की दीवारों पर आ... त्योहारों पर 'मौत' का सामान! गंदगी में बन रहे थे 1600 किलो गुलाब जामुन, प्रशासन की छापेमारी से मिलाव... Gwalior Board Exam 2026: ग्वालियर में 150 छात्रों को दिए गए गलत पेपर, परीक्षा केंद्र पर 2 घंटे तक चल... MP Road Accident News: मध्य प्रदेश में भीषण सड़क हादसा: नेशनल हाईवे 719 पर बस और वैन की जोरदार भिड़ं...

‘भेड़िया को सियार बताओ…’ बाराबंकी के ग्रामीणों का आरोप, वन विभाग डाल रहा दबाव

16

उत्तर प्रदेश में भेड़ियों का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है. भेड़ियों के हमले की एक के बाद एक कई घटनाएं सामने आती जा रही हैं. जहां अभी तक बहराइच में उनको पकड़ने की कवायद की जा रही है तो वहीं दूसरी तरफ अब कई और जगहों पर भी ये हमले देखने को मिल रहे हैं. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के करीब बाराबंकी में भी इन दानवों के आतंक की वजह से गांव के लोगों का घर से निकलना दुभर हो गया है.

यहां बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं. वन विभाग हमला करने वाले जंगली जानवर को अब तक खोज नहीं पाया है. हैरानी की बात तो यह है कि हमला करने वाला जानवर कौन सा है, वन विभाग उसका भी अब तक पता नहीं लगा पाया है. लेकिन विभाग की इन हवाई कोशिशों के बीच प्रभावित इलाकों के ग्रामीणों की आंखों से नींद गायब हो चुकी है. अपने परिवार की चिंता के चलते लोग खुद सोए बिना बच्चों की रखवाली के लिए हाथ में लाठी डंडे लेकर पहरेदारी कर रहे हैं. ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने रात में उस जंगली जानवर को देखा है. वहीं लोगों का यह भी आरोप है कि वन विभाग उनसे भेड़िया को सियार कहने का दबाव बना रहा है.

कई गावों में दहशत का माहौल

पूरा मामला बाराबंकी में हरख वन क्षेत्राधिकार में आने वाले गांवों का है जहां जंगली जानवरों के हमले के बाद से क्षेत्र के कई गावों में दहशत का माहौल है. दहशत के कारण ग्रामीण अपने खेतों तक भी नहीं जा पा रहे हैं. दरअसल गोछौरा गांव की रहने वाले रिजवाना बीते मंगलवार को खेतों में बकरी चराने के लिए गई हुई थी. उसी दौरान एक जंगली जानवर ने उस पर हमला कर दिया, जिससे रिजवाना को कई जगह चोटें आईं. जंगली जानवर के हमले से क्षेत्र के तमाम गावों में ग्रामीणों की रात जागते बीत रही है. डर के कारण ग्रामीण दिन में भी अपने खेतों तक जाने से बच रहे हैं. बच्चों को स्कूल नहीं भेजा जा रहे हैं. वन विभाग ने भी हथियार डाल दिये हैं. ग्रामीणों का दावा है कि उनके गांव में भेड़िया ही है. वहीं लोगों का आरोप है कि वन विभाग उनपर भेड़िये को सियार कहने का दबाव बना रहा है.

भेड़िये को सियार बताने का दबाव

ग्रामीणों ने बताया कि जिन गांवों से होकर जानवर गुजरा या फिर हमला किया वहां के लोग डरे हुए हैं पर हिम्मत जुटाकर रात दिन जानवर को तलाश रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने जानवर देखा पर विभाग ये तक नहीं बता सका कि यह जानवर कौन सा है. गांव वालों का कहना है कि हम लोग लाठी-डंडे लेकर रखवाली कर रहे हैं. ग्रामीणों ने खुद मोर्चा तो संभाला ही है. वो सर्च में जुटी टीमों का पूरा साथ भी दे रहे हैं. इसके बावजूद दहशत का आलम यह है कि शाम घिरते ही बड़े और बच्चे अपने घरों में कैद हो जा रहे हैं. परिवार के अन्य सदस्य सोते हैं तो बाकी सदस्य हाथ में लाठियां लेकर रातभर जाग कर पहरेदारी करते हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.