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कटिहार: पेट से कीड़े को था भगाना… फिर हुआ कुछ ऐसा कि भागने लगा पूरा स्कूल, 24 छात्र पहुंचे अस्पताल

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बिहार के कटिहार जिले के एक सरकारी स्कूल में छात्रों के पेट से कीड़ों को भगाने के लिए दवा खिलाई गई. दवा खिलाने के बाद करीब दो दर्जन से अधिक छात्र बेहोश गए. छात्रों के बेहोश होने पर शिक्षकों में अफरा-तफरी मच गई. वहीं जानकारी मिलने पर छात्रों के अभिभावक स्कूल पहुंच गए. स्कूल पहुंचे अभभिावक जमकर हंगामा करने लगे. अभिभावकों ने आरोप लगाया कि बच्चों को दवा खिलाने और मिड-डे मिल का भोजन खिलाने से वो बेहोश हो गए हैं. अभिभावकों ने कहा कि बच्चों को मिड-डे मिल में अच्छा भोजन नहीं दिया जाता है.

कटिहार जिले के सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों के साथ आंगनवाड़ी केंद्र पर स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों को राष्ट्रीय कृमी मुक्ति दिवस के अवसर पर बच्चों को दवा खिलाई. बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई गई. वहीं कोढ़ा प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बिशहरिया में जैसे ही बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई गई तो लगभग दो दर्जन बच्चे बेहोश हो गए. विद्यालय पहुंचे अभिभावक जमकर हंगामा करने लगे.

अभिभावकों ने काटा बवाल

आक्रोशित अभिभावकों का आरोप था कि विद्यालय में बच्चों को मिड-डे मिल का भोजन खिलाने एवं एल्बेंडाजोल की टेबलेट खिलाने के बेहोश हो गए. बच्चों के बिगड़ते हालात को देखकर स्कूल के प्रिंसिपल मनीष सौरभ ने इसकी खबर स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारी को दी. खबर मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम हरकत में आई और आनन-फानन में बच्चों को बेहतर इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया.

मिली जानकारी के मुताबकि, अस्पताल में बच्चों का इलाज चल रहा है. वहीं इस मामले में विद्यालय के प्रिंसिपल मनीष सौरव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर करीब 450 बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई गई थी, जिसके बाद लगभग दो दर्जन बच्चे बेहोश होने लगे थे. उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग की टीम को दे दी गई थी.

डॉक्टर ने बताया क्यों बिगड़ी तबीयत?

डॉ. अमित आर्य ने बताया कि एल्बेंडाजोल की दवा खाने से कहीं कोई साइड इफेक्ट नहीं है. हालांकि, वैसे बच्चों की हालत बिगड़ी है जिन्होंने खाली पेट ही एल्बेंडाजोल की गोली खा लिया थी और बहुत बच्चे तो घबरा गए हैं. हालांकि सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं. वहीं डीएसपी धर्मेंद्र कुमार घटनास्थल पर पहुंचकर बेहोश हुए बच्चों का हाल-चाल जाना और कहां की सभी बच्चे ठीक हैं डरने की कोई बात नहीं है.

वहीं बच्चों के हालत बिगड़ जाने की सूचना मिलते ही सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव वहां पहुंचे और मामले की पूरी जानकारी प्राप्त कर को समझाया और शांत करवाया.

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