Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Coal India PME Update: कोलकर्मियों की हर साल होगी स्वास्थ्य जांच? प्रस्तावित नई व्यवस्था के खिलाफ मु... Muslim Personal Law: नाबालिग बेटी की कस्टडी मामले में हाईकोर्ट का निर्देश, बच्चे का कल्याण सबसे सर्व... Chhotanagpur Zone Alert: पर्व-त्योहारों के मद्देनजर आईजी ने दिए सख्त निर्देश, अतिरिक्त पुलिस बल की ह... Dhanbad News: प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पर धनबाद में निकली भव्य मशाल और बाइक रैल... Sahkar Se Samriddhi: छत्तीसगढ़ में सहकारिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए विशेष कार्... GPM News: गौरेला पेंड्रा मरवाही के जिला अस्पताल में मिला नवजात का शव, सीसीटीवी खंगालने के बाद भी नही... Singapore India Network Forum: छत्तीसगढ़ में सेमीकंडक्टर और AI डाटा सेंटर का काम शुरू, निवेश के दिखन... Raipur News: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सिंगापुर यात्रा संपन्न, छत्तीसगढ़ को मिला ₹350 करोड़ का नय... Kanker News: अंतागढ़ को जिला बनाने की मांग ने पकड़ा जोर, क्षेत्रवासियों ने शुरू किया अनिश्चितकालीन ध... BMSICL Controversy: 307 करोड़ के मेडिकल टेंडर में धांधली का मामला, कोर्ट ने 19 नवंबर तक तलब किया जवा...

सुल्तानपुर: सचिन सिंह-पुष्पेंद्र सिंह की गिरफ्तारी, मंगेश यादव का एनकाउंटर… अखिलेश क्यों उठा रहे सवाल?

127

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में 28 अगस्त को सर्राफा व्यवसायी के दुकान में हुई डकैती का वीडियो तो आपने देखा ही होगा. इस घटना में शामिल एक बदमाश को एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया, जबकि तीन बदमाशों को ‘हाफ एनकाउंटर’ में गिरफ्तार किया गया था. अब डकैती से ज्यादा चर्चा बदमाशों की जाति पर हो रही है. वह इसलिए क्योंकि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का आरोप है कि पुलिस जाति देखकर जान ले रही है.

मामला 28 अगस्त का है. शहर के घंटाघर स्थित भरत ज्वैलर्स में नकाबपोश बदमाश घुस आए और डकैती की थी. इस डकैती का वीडियो जैसे ही सामने आया तो सुल्तानपुर से लेकर लखनऊ तक पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. डकैतों की तलाश में अलग-अलग टीमें बनाई गईं और कई जिलों में छापेमारी शुरू हुई. पुलिस ने डकैतों की पहचान भी कर ली. इस बीच पुलिस ने 3 सितंबर को हाफ एनकाउंटर में सचिन सिंह, पुष्पेंद्र सिंह और त्रिभुवन को गिरफ्तार कर लिया.

इनाम घोषित होते ही दुर्गेश सिंह ने किया सरेंडर

तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बाकी बचे 10 आरोपियों (अनुज प्रताप सिंह, फुरकान, अरबाज, विनय शुक्ला, मंगेश यादव, अंकित यादव, अजय यादव, अरविंद यादव, विवेक सिंह और दुर्गेश सिंह) पर एक-एक लाख रुपये का इनाम रख दिया. इनाम घोषित होने के अगले ही दिन यानी 4 सितंबर को मुख्य आरोपी दुर्गेश प्रताप सिंह ने नाटकीय अंदाज में कोर्ट में सरेंडर कर दिया. दुर्गेश के सरेंडर के 24 घंटे के अंदर ही पुलिस ने मंगेश यादव का एनकाउंटर कर दिया.

मंगेश यादव के एनकाउंटर पर अखिलेश का सवाल

मंगेश यादव के एनकाउंटर के बाद ही अखिलेश यादव ने बड़ा आरोप लगाया. उनका कहना है, ‘लगता है सुल्तानपुर की डकैती में शामिल लोगों से सत्ता पक्ष का गहरा संपर्क था, इसीलिए तो नकली एनकाउंटर से पहले मुख्य आरोपी से संपर्क साधकर सरेंडर करा दिया गया और अन्य सपक्षीय लोगों के पैरों पर सिर्फ दिखावटी गोली मारी गई और जात देखकर जान ली गई.’

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आगे कहा, ‘जब मुख्य आरोपी ने सरेंडर कर दिया है तो लूट का सारा माल भी पूरा वापस होना चाहिए और सरकार को मुआवजा अलग से देना चाहिए क्योंकि ऐसी घटनाओं का जो मानसिक आघात होता है उससे उबरने में बहुत समय लगता है, जिससे व्यापार की हानि होती है, जिसकी क्षतिपूर्ति सरकार करे… नकली एनकाउंटर रक्षक को भक्षक बना देते हैं… समाधान नकली एनकाउंटर नहीं, असली कानून-व्यवस्था है.’

योगी सरकार पर आरोप लगाते हुए अखिलेश यादव ने कहा, ‘भाजपा राज अपराधियों का अमृतकाल है… जब तक जनता का दबाव व आक्रोश चरम सीमा पर नहीं पहुंच जाता है, तब तक लूट में हिस्सेदारी का काम चलता रहता है और जब लगता है जनता घेर लेगी तो नकली एनकाउंटर का ऊपरी मरहम लगाने का दिखावा होता है… जनता सब समझती है कि कैसे कुछ लोगों को बचाया जाता है और कैसे लोगों को फंसाया जाता है… घोर निंदनीय.’

बीजेपी ने अखिलेश को दिया जवाब

अखिलेश के इस ट्वीट पर बीजेपी ने सपा पर हमला बोला. एनकाउंटर पर अखिलेश यादव के सवाल के जवाब में भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा, ‘चोट अपराधी को आये तो दर्द अखिलेश जी को होता है, भाई-भाई में अक्सर ये होता है…हर एनकाउंटर के बाद अखिलेश जी बैचेन हो जाते हैं… अपराधी के सजातीय होने पर अखिलेश जी को ज्यादा दर्द होता है… योगी सरकार में अपराधियों पर रहमदिली नहीं होती है.’

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.