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इमरजेंसी ब्रेक, प्लास्टिक कवर या ड्राइवर की गलती, क्यों हुआ झारखंड ट्रेन हादसा?

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झारखंड के चक्रधरपुर में मंगलवार को हावड़ा से मुंबई जा रही यात्री ट्रेन पटरी से उतर गई. इस हादसे में ट्रेन के 18 कोच पटरी से उतर गए. इस दुर्घटना में 3 यात्रियों की मौत हो गई और 40 से अधिक यात्री घायल हो गए. इस हादसे की पहली वजह जो सामने आ रही है, उसमें ट्रेन के लोको पायलट की ओर से इमरजेंसी ब्रेक लगाना है.

जिस जगह पर ट्रेन हादसा हुआ, वहां पहले से ही मालगाड़ी के वैगन्स खड़े थे. उन वैगन्स को प्लास्टिक से पूरी तरह से ढक दिया गया था. रेलवे से प्राप्त सूचना के मुताबिक, तेज हवा की वजह से अचानक वैगन के ऊपर जो प्लास्टिक का कवर था, वो उड़ गया. प्लास्टिक का कवर उड़कर हावड़ा-मुम्बई मेल के इंजन पर आ गिरा. इसकी वजह से हावड़ा-मुम्बई मेल के इंजन का शीशा पूरी तरह से ढंक गया. लोको पायलट के सामने अचानक से अंधेरा छा गया. ट्रेन के इंजन में लगी बाहरी मेन लाइट भी ढंक गई. आनन फानन में लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाई और ट्रेन डिरेल हो गई. उस वक्त इस ट्रेन की रफ्तार लगभग 30 किलोमीटर प्रति घंटा थी.

ड्राइवर ने लगाई इमरजेंसी ब्रेक

राजखरसावां और बड़ाबम्बो स्टेशन के बीच यह हादसा हुआ. ट्रेन संख्या 12810 हावड़ा मुंबई मेल में एलएचबी कोच लगा हुआ था. इस तरह के कोच में डिस्क ब्रेक होते हैं. जैसे ही ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाई, ट्रेन के 18 कोच पटरी से उतर गए. साथ में पास में खड़े गुड्स ट्रेन के वैगन्स से कुछ कोच 12810 के टकरा गई.

तीन घंटे देरी से चल रही थी ट्रेन

इस हादसे में तीन लोगों की मौत और करीब 40 यात्रियों के घायल होने की खबर है. चक्रधरपुर में हादसे की शिकार मुंबई मेल एक्सप्रेस ट्रेन साढ़े तीन घंटे देर से चल रही थी. ट्रेन संख्या 12810, जिसमें टाटानगर का इंजन संख्या 37077 लगा हुआ था. टाटानगर स्टेशन से सुबह 2:39 बजे अपने निर्धारित समय से साढ़े तीन घंटा मिनट देरी से रवाना हुई. ट्रेन का टाटानगर स्टेशन पहुंचने का समय 11.02 मिनट था.

जो ट्रेन हादसे का शिकार हुई है, उसके ड्राइवर तीन बार सर्वश्रेष्ठ ड्राइवर का पुरस्कार जीत चुके हैं. सुबह हादसे के बाद ट्रेन के लोको पायलट केवीएसएस राव, सहायक लोको पायलट ए अंसारी और गार्ड मो. रेहान ने तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी. हादसे की सूचना मिलते ही चक्रधरपुर रेल मंडल के अधिकारी और बचाव दल घटनास्थल के लिए रवाना हुए. दक्षिण पूर्व रेलवे के टाटानगर-चक्रधरपुर खंड पर रेल परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है. कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन किया गया है.

तीन घंटे देरी से चल रही थी ट्रेन

इस हादसे में तीन लोगों की मौत और करीब 40 यात्रियों के घायल होने की खबर है. चक्रधरपुर में हादसे की शिकार मुंबई मेल एक्सप्रेस ट्रेन साढ़े तीन घंटे देर से चल रही थी. ट्रेन संख्या 12810, जिसमें टाटानगर का इंजन संख्या 37077 लगा हुआ था. टाटानगर स्टेशन से सुबह 2:39 बजे अपने निर्धारित समय से साढ़े तीन घंटा मिनट देरी से रवाना हुई. ट्रेन का टाटानगर स्टेशन पहुंचने का समय 11.02 मिनट था.

जो ट्रेन हादसे का शिकार हुई है, उसके ड्राइवर तीन बार सर्वश्रेष्ठ ड्राइवर का पुरस्कार जीत चुके हैं. सुबह हादसे के बाद ट्रेन के लोको पायलट केवीएसएस राव, सहायक लोको पायलट ए अंसारी और गार्ड मो. रेहान ने तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी. हादसे की सूचना मिलते ही चक्रधरपुर रेल मंडल के अधिकारी और बचाव दल घटनास्थल के लिए रवाना हुए. दक्षिण पूर्व रेलवे के टाटानगर-चक्रधरपुर खंड पर रेल परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है. कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन किया गया है.

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