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छत्तीसगढ़ में जंगली हाथी के हमले से दो सगे भाईयों की मौत, एक को बचाने के चक्कर में दूसरे की गई जान

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जशपुर : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में जंगली हाथी के हमले में दो सगे भाइयों की मौत हो गई। अधिकारियों शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जशपुर के तपकरा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत केरसई गांव में शुक्रवार देर रात जंगली हाथी के हमले में दो सगे भाइयों कोकडे राम (45) और पड़वा राम (43) की मौत हो गई। अधिकारियों के मुताबिक, जंगली हाथियों ने देर रात लगभग तीन बजे केरसई गांव में हमला बोला और वहां मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि जब दोनों भाई जान बचाने के लिए वहां से भागने लगे, तब एक को हाथी ने अपनी सूंड से पकड़ लिया और कुचलकर उसकी जान ले ली, जब अपने भाई को बचाने के लिए दूसरा भाई वहां पहुंचा और हाथी को भगाने की कोशिश करने लगा, तब हाथी ने उसे भी कुचलकर मार डाला।

अधिकारियों ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग का दल मौके पर पहुंचा और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अधिकारियों ने कहा कि मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि तपकरा वन परिक्षेत्र में पिछले लगभग छह महीने से हाथियों का झुंड घूम रहा है और वन विभाग इन सभी की गतिविधियों पर नजर रख रहा है। अधिकारियों ने कहा कि जंगल के भीतर घर बनाकर रहने वाले ग्रामीणों को जंगली हाथियों के हमले से बचाने के लिए सामुदायिक भवन में रखा जा रहा है। छत्तीसगढ़ के उत्तरी जिलों में जंगली हाथियों और मनुष्यों के बीच संघर्ष की खबरें लगातार आती रहती हैं। इन क्षेत्रों में जंगली हाथियों के हमलों में कई लोगों की जान जा चुकी है।

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