Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Karan Johar Spy Movie: करण जौहर बनाएंगे RAW के पहले चीफ RN काव की बायोपिक, 2028 में होगी रिलीज Sri Lanka Water Shortage News: नदियां और कुएं सूखे, पीने के पानी के लिए तरसे लोग; अल नीनो बना बड़ी व... Gold Loan Demand in India: मजबूरी नहीं बल्कि स्मार्ट चॉइस बना गोल्ड लोन, युवाओं में तेजी से बढ़ रहा ... Sanchar Saathi Portal Alert: साइबर क्राइम और फर्जीवाड़े से बचने के लिए तुरंत चेक करें अपने नाम पर रज... Mahalakshmi Vrat Rules: 16 दिनों तक चलने वाला महालक्ष्मी व्रत किसे करना चाहिए और किसे नहीं? जानिए नि... Weekend Sleep Myth: वीकेंड पर 12 घंटे सोने से पूरी नहीं होती नींद, जानिए क्यों खतरनाक है स्लीपिंग पै... Delhi High Court News: केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद नए जजों की नियुक्ति, जानिए किन-किन चेहरों को मि... DTC Bus Vandalism Delhi: डीटीसी बस हड़ताल के दौरान तोड़फोड़ और हिंसा मामले में 12 गिरफ्तार, साजिशकर्... Delhi Prison Crime News: अति-सुरक्षित रोहिणी जेल के वार्ड 3 में खूनी संघर्ष, आर्म्स एक्ट के बंदी की ... Vidisha News: गांवों को गरीबी मुक्त बनाने के लिए शिवराज सिंह चौहान की बड़ी पहल; विदिशा से 'जिला समृद...

कावंड़ यात्रा: दुकानदारों को नहीं लिखना होगा नाम, जारी रहेगा सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश

48

यूपी में कांवड़ यात्रा रूट पर दुकानों, ढाबों और ठेलों पर नेम प्लेट लगाने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक बरकरार रहेगी. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में उत्तराखंड और एमपी सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए 2 सप्ताह का समय दिया है. उसके बाद इसके जवाब के लिए याचिकाकर्ता को एक हफ्ते का समय दिया गया है. इसे तीन सप्ताह बाद अगले सोमवार को सुनवाई की जाएगी. तब तक सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश जारी रहेगा.

दरअसल यूपी सरकार ने नेम प्लेट आदेश के खिलाफ दायर याचिका का विरोध किया था और अदालत से याचिकाओं को खारिज करने की अपील की थी. कांवड़ा यात्रा मार्ग में नेम प्लेट लगाने का आदेश सबसे पहले मुजफ्फरनगर से शुरू हुआ था, बाद में योगी सरकार ने यह नियम पूरे प्रदेश में लागू कर दिया था, जिसके बाद विपक्षी दलों ने इसका जमकर विरोध किया.

कोर्ट में योगी सरकार का जवाब

इससे पहले यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने जवाब में अपनी दलीलों के समर्थन में कावंड़ मार्ग रूट के कुछ खाने पीने की दुकानों की तस्वीरें पेश की थी. मसलन राजा राम भोज फैमिली टूरिस्ट ढाबा के नाम से ढाबा चलाने वाले दुकानदार का नाम वसीम है. राजस्थानी खालसा ढाबे के मालिक का नाम फुरकान है. पंडित जी वैष्णो ढाबे के मालिक सनव्वर राठौड़ हैं.

सरकार का कहना है कि कावंड़ रूट पर खाने पीने को लेकर गलतफहमी पहले भी झगड़े और तनाव की वजह बनती रही है. ऐसी कोई अप्रिय स्थिति न बने, नंगे पैर पवित्र जल ले जा रहे करोड़ो कावंड़ियों की धार्मिक भावना गलती से भी आहत न हो इसलिए दुकान के बाहर नाम लिखने के निर्देश जारी किए गए थे. कोर्ट में दाखिल अपने जवाब में योगी सरकार ने कहा कि कानून व्यवस्था के लिए एहतियाती कदम उठाया. अनुच्छेद 71 के तहत सौहार्द कायम रखने के लिए यह फैसला लिया गया.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.