Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
रांची के कांके रोड पर बेकाबू ट्रैक्टर का तांडव: आधा दर्जन बाइक-स्कूटी को रौंदा, एक गंभीर रूप से घायल जौनपुर की शाहजहां बानो बनीं 'प्रतीक्षा': सनातन धर्म अपनाकर बरेली के आश्रम में प्रेमी पवन संग रचाया व... गुरुग्राम के सूरत नगर में MNC कर्मचारी की संदिग्ध हालात में मौत, फंदे से लटकता मिला शव बरेली दहेज हत्या मामले में अदालत का बड़ा फैसला, 5 साल के मासूम की गवाही पर ससुर दोषमुक्त मंदसौर में घर की सीढ़ियों पर बैठा दिखा विशालकाय मगरमच्छ! चीख पड़ी महिला, वन विभाग ने रेस्क्यू कर चंब... बिहार में रेल नेटवर्क का बड़ा विस्तार: 976 करोड़ की लागत से दानापुर-फतुहा के बीच बिछेगी नई रेल लाइन,... देश में मंदिर चढ़ावा चोरी पर सियासत तेज, राज ठाकरे का दावा— "सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल 18 करोड़ ... मानसून का रौद्र रूप! यूपी, बिहार समेत 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; दिल्ली में तूफानी हवाओं की... जबलपुर में महिला आरक्षक से पहचान छिपाकर दुष्कर्म और धर्मांतरण का दबाव, एसपी दफ्तर पहुंची पीड़िता नेपाल में कांवड़ यात्रा से पहले झंडे को लेकर भड़की हिंसा: भारत सीमा से लगे 5 जिलों में कर्फ्यू, सरका...

मोहन कैबिनेट से इस्तीफा दे सकते हैं नागर सिंह चौहान ! अटकलों के बीच बंगले पर लगा भाजपा नेताओं का जमावड़ा

66
भोपाल : मध्य प्रदेश के अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान की नाराजगी सामने आई है। बताया जा रहा है कि वे मंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। सोशल मीडिया पर उनके इस्तीफे की खबरें तेजी से फैल रही है। बताया जा रहा है कि नागर सिंह, रामनिवास रावत को वन एवं पर्यावरण विभाग के मंत्री बनाए जाने से नाराज हैं। इस वजह से वह मंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इस्तीफे की अटकलों के बीच मंत्री के बंगले पर बीजेपी नेताओं का जमावड़ा लगा है। प्रदेश मंत्री और बीजेपी जिला अध्यक्ष नागर सिंह के बंगले पहुंचे हैं। जहां बंद कमरे में बातचीत हो रही है।

सूत्रों की मानें तो इस्तीफे की खबरों के बीच नागर सिंह चौहान के बंगले पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने मीडिया के प्रवेश पर भी रोक लगा दी है। उनके बंगले पर भाजपा नेताओं का जमावड़ा शुरू हो गया है। प्रदेश मंत्री जयदीप पटेल और भाजपा जिला अध्यक्ष नागर चौहान के बंगले में है। इन नेताओं के बीच बंद कमरे में बातचीत हो रही है।

इससे पहले नागर सिंह चौहान ने कहा था कि उन्होंने सरकार ने पार्टी के लिए लंबे समय से काम कर रहे नेताओं के बजाय कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए रावत को वन एवं पर्यावरण विभाग दे दिया। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में उनसे चर्चा तक नहीं की थी। मैं अपनी बात पार्टी के सीनियर नेताओं से करूंगा, पार्टी फोरम तक जाऊंगा। अगर मेरी बात नहीं सुनी जाती है, तो मैं अपने पद से इस्तीफा दे दूंगा। मैं पिछले 25 सालों से पार्टी के लिए काम कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि वे मंत्री पद से इस्तीफा देकर विधायक पद पर रहकर जनता की सेवा करेंगे, लेकिन ऐसा अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। वहीं बता दें कि इससे पहले सीताराम आदिवासी और पूर्व विधायक बाबूलाल मेवरा ने भी रामनिवास रावत के भाजपा में आने पर नाराजगी जाहिर की थी और कांग्रेस में जाने की धमकी भी दी थी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.