Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Asian Games 2026 Soft Tennis Medal: कौन हैं जय मीणा? जिन्होंने सॉफ्ट टेनिस में देश को दिलाया पहला ब्... Ramayan Movie Update: रणबीर कपूर और यश की ‘रामायण’ की शूटिंग से जुड़ा बड़ा खुलासा, जानें फिल्म के बा... Yूलिन चेन केस: भूकंप वैज्ञानिक यूलिन चेन की रिहाई के लिए व्हाइट हाउस ने दिया भरोसा, जानिए पूरा मामला Iran Hormuz Strait Proposal: होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए ईरान तैयार, अमेरिका के सामने रखी यह शर्... Apple M-Series Chip Desktops: भारत में आए नए Mac Mini और Mac Studio, शुरुआती कीमत ₹99,900 Indira Ekadashi Vrat 2026: पितरों की मुक्ति का महाव्रत है इंदिरा एकादशी, जानें पारण का समय और नियम Vande Bharat and Shatabdi Comparison: वंदे भारत और शताब्दी एक्सप्रेस में क्या है मुख्य अंतर? जानिए य... Gold Silver Price Update Punjab: सोना खरीदने वालों को राहत, चांदी के दामों में उछाल; जानें पंजाब में... Jalandhar Fake News Alert: न्यू शहीद बाबू लाभ सिंह नगर स्कूल में नहीं हुआ कोई किडनैपिंग का प्रयास; प... Ludhiana GST Raid News: लुधियाना के सर्राफा बाजार में जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई; जगदंबे ज्वैलर्स...

अयोध्या और अवधेश बने अखिलेश के रोल मॉडल, कैसे संसद से साध रहे यूपी की पॉलिटिक्स

42

लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार संसद में बोलते हुए अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश को साधने की कोशिश करते दिखे. अखिलेश के 29 मिनट के भाषण में उत्तर प्रदेश, अयोध्या, काशी और अवधेश प्रसाद ही छाए रहे. उन्होंने इस दौरान एक शेर और एक कविता के जरिए भी सरकार को घेरने की कोशिश की.

अखिलेश अयोध्या में अपनी जीत पर भी बीजेपी को खरी-खोटी सुनाने से नहीं चूके. उन्होंने अवधेश प्रसाद की जीत को भगवान राम का संदेश बताया. उत्तर प्रदेश में अब से 3 साल बाद यानी साल 2027 में विधानसभा के चुनाव होने हैं.

अखिलेश यादव की पार्टी वर्तमान में विधानसभा में दूसरे नंबर की पार्टी है, लेकिन हालिया लोकसभा चुनाव में मिली बढ़त ने सपा को उत्साहित कर दिया है. 2024 में यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से 37 पर सपा, 33 पर बीजेपी और 6 पर कांग्रेस को जीत मिली है. 2 सीटों पर जयंत चौधरी की आरएलडी और एक सीट पर अनुप्रिया पटेल की पार्टी ने जीत हासिल की है.

अखिलेश के भाषण में सिर्फ यूपी, 7 पॉइंट्स

1. यूपी के 1 ट्रिलियन इकॉनोमी पर निशाना

राष्ट्रपति अभिभाषण पर बोलते हुए अखिलेश ने सबसे पहला निशाना इकॉनोमी पर ही साधा. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति महोदय ने ट्रिलियन इकॉनोमी की बात कही है. मैं इतना तो नहीं जानता, लेकिन यूपी में भी 1 ट्रिलियन इकॉनोमी बनाने की बात कही जा रही है, लेकिन कोई यह नहीं बता पा रहा है कि यह कैसे होगा?

उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रति वर्ष 35 प्रतिशत का ग्रोथ जरूरी है, जो यूपी में कहीं दिखाई नहीं देता है.

अखिलेश ने आगे कहा कि बिना व्यक्तिगत आय बढ़ाए आप देश को ट्रिलियन इकॉनोमी बना पाओगे और हां तो बताओ यूपी में प्रति व्यक्ति आय कितनी है? अखिलेश ने हंगर इंडेक्स के जरिए भी सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि हम इसमें नीचे है और बात ट्रिलियन इकॉनोमी की कर रहे हैं.

अखिलेश अपने भाषण के इन पॉइंट्स के जरिए यूपी की खस्ताहाल अर्थव्यवस्था को मु्द्दा बना रहे थे.

2. अयोध्या के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर तंज

अखिलेश ने अपने संबोधन के दौरान अयोध्या के विकास को भी लपेटे में लिया. उन्होंने कहा कि पहली बारिश में ही छत से पानी टपकने लगा है. आप बताओ, कैसा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास हुआ है?

उन्होंने आगे कहा कि अयोध्या में सड़क और दीवार भी टूट गए हैं पर सवाल यह है कि जो सरकार विकास का क्रेडिट लेती थी, क्या वही सरकार इस विनाश की जिम्मेदारी भी लेगी? अखिलेश का इशारा अयोध्या के बदहाली की ओर था, जहां से हाल ही में रामपथ और स्टेशन की दीवार टूटने की खबर आई थी.

3. वाराणसी की गंदगी-गंगाजल को लेकर अटैक

अखिलेश ने अपने भाषण में वाराणसी की गंदगी और गंगाजल को लेकर भी प्रधानमंत्री पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि वाराणसी के लोग क्योटो की फोटो लेकर शहर को ढूंढ रहे हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ कीचड़ नसीब हो रहा है.

अखिलेश ने आगे कहा कि गंगाजल कब साफ हो रहा है, सरकार इसको भी बता दें. गौरतलब है कि वाराणसी उसके आसपास के इलाकों में गंगा की सफाई बड़ा मुद्दा रहा है. बीजेपी ने 2014 में इसे अपने मेनिफेस्टो में भी शामिल किया था.

4. अवधेश की जीत को विनिंग ट्रॉफी की तरह पेश किया

अखिलेश ने अपने संबोधन में अयोध्या की जीत का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पूरे देश में एक जीत की चर्चा हो रही है, बीजेपी वाले समझ गए हैं. हम अयोध्या से प्रेम का पैगाम लाए हैं. अखिलेश के इतना बोलते ही फैजाबाद के सांसद अवधेश प्रसाद खड़े होकर सबका अभिवादन करने लगे.

संबोधन के दौरान अखिलेश ने कहा कि भगवान राम ने संदेश दे दिया है- होइए वही जो राम रचि राखा और जो लोग उन्हें लाने की बात करते थे, वे खुद दूसरों के भरोसे आए हैं.

उन्होंने इस दौरान एक शेर भी पढ़ा- “हुजूर-ए-वाला आज तक खामोश बैठे इसी गम में, महफिल लूट ले गया कोई जबकि सजाई हमने”

5. सरकार से पूछा- यूपी के आदर्श गांवों का क्या हुआ?

अखिलेश ने अपने संबोधन के दौरान सरकार से पूछा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में आदर्श गांव का जिक्र क्यों नहीं हैं? उन्होंने कहा कि यूपी में प्रधान सांसद समेत कई सांसदों ने गांव गोद लिए थे, आज किसी भी सांसद को उन गावों का नाम भी पता नहीं होगा.

अखिलेश ने आगे कहा कि अगर किसी को नाम भी पता होगा तो बोलना मत, नहीं तो लोग मजाक उड़ाएंगे कि गांव का नाम पता है फिर भी काम नहीं किया.

6. एक्सप्रेस-वे के जरिए खुद के कामों की उपलब्धि गिनाई

अपने संबोधन में खुद के कामों का जिक्र करने में भी अखिलेश पीछे नहीं रहे. उन्होंने कहा कि हमने जिस एक्सप्रेस-वे का निर्माण करवाया था, उस पर सेना का जहाज उतरा, लेकिन आज की सरकार जिस सड़कों का निर्माण करवाती है, वहां नाव उतरती है.

अखिलेश के मुताबिक सरकार ने स्मार्ट सिटी के नाम पर लोगों से यूपी में बुनियादी सुविधाएं भी छीन ली है.

7. आवारा पशु और गन्ना भुगतान से किसानों को साधा

अखिलेश यादव ने संसद में यूपी को आवारा पशुओं से निजात दिलाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि प्रधान सांसद (प्रधानमंत्री) ने कई बार इसको लेकर वादा भी किया है, लेकिन अब खुद इस पर कुछ नहीं बोल रहे हैं.

यूपी में खासकर तराई बेल्ट और पूर्वांचल में आवारा पशु एक बड़ी समस्या है. 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने इसके निदान निकालने की बात कही थी.

अखिलेश ने संबोधन में गन्ना किसानों को भी साधा. उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की भुगतान अभी तक रोक रखी है. इसे कब कराया जाएगा, इसको लेकर मंत्री जवाब दें.

किसानों की दोगुनी आय पर भी उन्होंने निशाना साधा. अखिलेश ने कहा कि आज की महंगाई को देखकर बताइए कि किसानों की दोगुनी आय कितनी होगी?

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.