Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बालाघाट में घर में घुसकर सो रही महिला को उठा ले गया बाघ: कान्हा बफर जोन में दिल नहला देने वाला हादसा... पन्ना में दर्दनाक हादसा: 9 माह की गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की मौत, एनीमिया बनी वजह; पति पर लापर... इंदौर ने नम आंखों से दी वीर सपूत को अंतिम विदाई, मेजर हमजा आरिफ सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक ग्वालियर में गुमशुदा तोते 'शकुंतला' के लिए 50 हजार का इनाम: ढोल-लाउडस्पीकर से तलाश में जुटा ओझा परिव... इंदौर में महज 7 दिन में टूटा शादी का बंधन, फैमिली कोर्ट ने तलाक की अर्जी को दी मंजूरी रतलाम में एग्रीमेंट वाली शादी का खौफनाक अंत: 3rd फ्लोर से रस्सी के सहारे भाग रही थी 23 साल की दुल्हन... छतरपुर में हॉस्टल की बड़ी लापरवाही! छत फांदकर एक साथ भागे 3 छात्र; मचा हड़कंप, परिजनों के उड़े होश गोरखपुर में दिल दहला देने वाली घटना, बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर 9 वर्षीय मासूम की पीट-पीटकर हत... Vपप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा: चाकू लेकर पहुंचा युवक, समर्थकों ने दबोचा; सांसद बोले— 'म... Solar Eclipse 2027: 75 साल बाद सऊदी अरब में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, 21वीं सदी की सबसे बड़ी खगोलीय ...

अयोध्या की हार का हिसाब क्या मिल्कीपुर से बराबर करेगी भाजपा? उपचुनाव के ट्रेंड दे रहे टेंशन, सपा के हौसले बुलंद

71

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद पहला लोकसभा चुनाव था. पीएम मोदी से लेकर सीएम योगी सहित बीजेपी के तमाम बड़े नेता राम मंदिर का जिक्र करते नजर आए थे, लेकिन सपा ने फैजाबाद (अयोध्या) सीट जीतकर राम मंदिर मुद्दे को फेल कर दिया है. अयोध्या संसदीय सीट पर मिली हार ने बीजेपी को बहुत गहरी चोट दी है. बीजेपी अब इस हार का हिसाब अयोध्या से सांसद बने अवधेश प्रसाद के विधायकी से इस्तीफा देने से खाली हुई मिल्कीपुर विधानसभा सीट से करना चाहती है, लेकिन इस सीट के उपचुनाव के ट्रेंड बीजेपी के लिए टेंशन बढ़ा रहे हैं तो सपा के हौसले बुलंद कर रहे हैं.

फैजाबाद लोकसभा सीट पर सपा के अवधेश प्रसाद लगातार दो बार के बीजेपी सांसद लल्लू सिंह को शिकस्त देकर सांसद बनने में सफल रहे. अवधेश प्रसाद 54,567 वोट से जीत दर्ज की है. अवधेश प्रसाद को 5,54,289 वोट मिले तो बीजेपी के लल्लू सिंह को 4,99,722 वोट मिले थे. इस लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाली पांच विधानसभा सीटों में से चार सीटों पर सपा के अवधेश प्रसाद को बढ़त मिली थी जबकि लल्लू सिंह को केवल एक विधानसभा सीट पर बढ़त मिली थी.

मिल्कीपुर सीट पर बीजेपी की नजर

अवधेश प्रसाद के लोकसभा सांसद बनने के बाद अयोध्या जिले की मिल्कीपुर विधानसभा सीट खाली हो गई है, जहां उपचुनाव होने हैं. अवधेश प्रसाद 2022 में मिल्कीपुर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे. अयोध्या लोकसभा सीट की हार का हिसाब बीजेपी मिल्कीपुर सीट से बराबर करना चाहती है. इसके लिए बीजेपी यह विधानसभा सीट किसी भी कीमत पर जीतना चाहती है, जिसके लिए मजबूत उम्मीदवार की तलाश भी शुरू कर दी गई है. पार्टी ऐसे उम्मीदवार को उतारने की फिराक में है, जो मिल्कीपुर सीट के सियासी समीकरण में फिट बैठता हो और जीतकर हार का हिसाब बराबर कर सके.

मिल्कीपुर विधानसभा सीट का इतिहास

आजादी से अब तक के इतिहास में मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर में यह तीसरा उपचुनाव होगा. मिल्कीपुर विधानसभा सीट 2008 के परिसीमन के बाद ही अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व हुई है, उससे पहले तक यह सामान्य सीट हुआ करती थी. मिल्कीपुर विधानसभा सीट 1967 में वजूद में आई, जिसके बाद कांग्रेस, जनसंघ और सीपीआई, बीजेपी, बसपा और सपा यहां जीत हासिल करने में कामयाब रहीं. इस सीट पर सबसे ज्यादा सपा-लेफ्ट 4-4 बार जीतने में सफल रही. कांग्रेस तीन बार, बीजेपी दो बार, जनसंघ और बसपा एक-एक बार जीतने में सफल रही हैं.

मिल्कीपुर में कब-कब हुए उपचुनाव

मिल्कीपुर विधानसभा सीट 1967 में बनने के बाद से लेकर अभी तक दो बार उपचुनाव हुए हैं और अब तीसरी बार चुनाव होने जा रहा है. यहां से कभी कद्दावर नेता मित्रसेन यादव विधायक हुआ करते थे,वो लेफ्ट से लेकर सपा तक के टिकट पर विधायक बने. मित्रसेन यादव वर्ष 1989 में सीपीआई से पहली बार लोकसभा पहुंचे थे और दूसरी बार 1998 में सपा से विधायक रहते हुए उन्होंने लोकसभा चुनाव जीता था. इस तरह से मित्रसेन यादव के सांसद चुने जाने के बाद उपचुनाव हुए थे तो दूसरी बार उनके बेटे आनंद सेन के विधायकी से इस्तीफा देने के बाद साल 2004 में उपचुनाव हुए थे.

अवधेश प्रसाद दो बार बने विधायक

साल 2008 के परिसीमन के बाद मिल्कीपुर विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने के बाद 2012 के विधानसभा चुनाव में सपा के दिग्गज नेता अवधेश प्रसाद यादव ने इसे अपनी कर्मभूमि बनाया. 2012 में मिल्कीपुर से अवधेश प्रसाद विधायक बने, लेकिन 2017 का चुनाव हार गए. 2022 में दोबारा से मिल्कीपुर सीट से अवधेश प्रसाद विधायक बने, लेकिन अब दो साल के बाद 2024 के चुनाव में फैजाबाद से सांसद चुने जाने के बाद यह सीट रिक्त हो गई है.

मिल्कीपुर में उपचुनाव का ट्रेंड

मिल्कीपुर सीट से विधायक रहते हुए लोकसभा पहुंचने वाले मित्रसेन यादव पहले और अवधेश प्रसाद दूसरे नेता हैं. मिल्कीपुर में पहली बार वर्ष 1998 में विधानसभा का उपचुनाव हुआ था, जब मित्रसेन यादव सपा से विधायक रहते हुए लोकसभा सांसद बने थे. इसके बाद उपचुनाव हुए तो सपा के रामचंद्र यादव विधायक चुने गए, उन्होंने भाजपा के प्रत्याशी डॉ. बृजभूषण मणि त्रिपाठी को 4132 वोटों से हराया था.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.