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अब ड्रोन ‘भैया’ भी कृषि को तकनीकी संबल संग देंगे स्वरोजगार को गति

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जबलपुर। खेतों में अब ड्रोन दीदी के बाद ड्रोन वाले ‘भैया’ भी नजर आएंगे। ड्रोन का प्रशिक्षण लेकर युवाओं को निश्शुल्क प्रदर्शन करके दिखा रहे जबलपुर के निखिल साहू का कहना है कि वह स्वयं और अन्य युवाओं को भविष्य में आत्मनिर्भर होने की तरफ ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। खेती को तकनीक से जोड़ने से समय और पैसों दोनों की बचत होगी। दस ड्रोन लेकर वे जिले के विभिन्न गांवों में पहुंचते हैं और किसानों-युवाओं को इसके फायदे समझाते हैं। वर्तमान में एक ड्रोन की कीमत 5 से 15 लाख रुपये तक है। ड्रोन संचालन से पहले पायलट लाइसेंस लेना अनिवार्य है।

मप्र में अन्य प्रदेशों की तुलना में कम दर पर ड्रोन पायलट लाइसेंस की व्यवस्था

 

भोपाल और इंदौर स्थित प्रशिक्षण केंद्र से सात दिन का प्रशिक्षण लेने के बाद शासन की योजना का लाभ और ड्रोन में सब्सिडी भी मिल जाती है। 30 हजार रुपये के शुल्क वाले इस प्रशिक्षण पर सब्सिडी देकर फिलहाल 18 हजार रुपये लिए जा रहे हैं। बता दें कि खेती में ड्रोन के उपयोग को लेकर दो वर्षों से जबलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू

कृषि विश्वविद्यालय में कार्य चल रहा है। कृषि अभियांत्रिकी विभाग के संचालक इंजी. राजीव चौधरी कहते हैं कि प्रदेश में पहली बार किसानों को ड्रोन अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है। मप्र में अन्य प्रदेशों की तुलना में कम दर पर ड्रोन पायलट लाइसेंस की व्यवस्था भी की गई है।

अन्नदाता मजबूत होंगे, युवा समृद्ध

 

अन्नदाता के हाथ को मजबूत करने के साथ ही समय की बचत का मंत्र लिए यह आधुनिक ड्रोन आठ मिनट में एक एकड़ कृषि भूमि में कीटनाशक का छिड़काव करने में सक्षम हैं। पहले यह कार्य चार से पांच घंटे में होता था उसमें भी एक जैसा छिड़काव संभव नहीं हो पाता था। यह तकनीक युवाओं को भी आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही आर्थिक रूप से समृद्ध भी बनाएगी। कृषि विभाग ने भी जबलपुर, सतना, रीवा, सागर समेत अन्य संभागों में ड्रोन को कृषि कार्य से जोड़ने के लिए पहल की है। सब्सिडी के जरिये ड्रोन खरीद के फायदे भी बताए जा रहे हैं। पहले चरण में 15 से अधिक प्रशिक्षित ड्रोन जिले में पहुंच गए हैं।

 

10 ड्रोन खरीदे, किसानों कोनिश्शुल्क दे रहे डेमो

 

जबलपुर के पिपरिया, खमरिया निवासी 25 वर्षीय निखिल साहू ने जबलपुर संभाग में प्रथम ड्रोन हाईटेक हब की स्थापना की है। पिपरिया स्थित श्रीराम इंटरप्राइजेज ने कीटनाशक के छिड़काव के लिए 10 एग्रीकल्चर ड्रोन लिए हैं। निखिल गांवों में पहुंचकर निश्शुल्क डेमो भी दे रहे हैं।

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