Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
सतना जिला अस्पताल में बड़ा नियम उल्लंघन: पीएम हाउस में घुसाई गईं स्कूली छात्राएं, सामने कराया गया पो... सागर यूनिवर्सिटी और महार रेजीमेंट की नई पहल: अग्निवीरों के लिए शुरू होगा 'ड्रोन टेक्नोलॉजी' कोर्स, न... भोपाल में 80 हजार दुकानों पर मंडराया संकट: सुप्रीम कोर्ट के आदेश से 5 लाख लोगों का रोजगार खतरे में; ... सागर कॉन्वेंट स्कूल विवाद: पहचान पत्र पर आदिवासी नाम मिलने से भड़का गुस्सा; प्राचार्या सिस्टर केथरिन... छतरपुर हत्याकांड का खुलासा: शराब के नशे में विवाद के बाद पड़ोसी ने लाठी से की हत्या, कुल्हाड़ी से का... छतरपुर हत्याकांड का खुलासा: शराब के नशे में विवाद के बाद पड़ोसी ने लाठी से की हत्या, कुल्हाड़ी से का... शिवपुरी में वन विभाग का पिंजरा फेल, ग्रामीणों का 'देसी जुगाड़' हिट: चंदे के बकरे से 24 घंटे में कैद ... JPSC परीक्षा धांधली: सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल; सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में SIT और CBI जांच... JPSC-JSSC धांधली के खिलाफ रांची में छात्रों का हुंकार: मंत्री प्रतिनिधिमंडल संग बैठक विफल, TDPL कंपन... Gauri Shiksha Foundation के चेयरमैन Mukesh Sharma ने कांवड़ सेवा शिविर में जनसेवा को बताया सबसे बड़ी...

कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड के साइड इफेक्ट का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, मुआवजे की भी उठी मांग

63

ग्लोबल फार्मास्युटिकल एस्ट्राजेनेका ने स्वीकार किया है कि ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के रिसर्चर्स की ओर से बनाई गई कोविड-19 वैक्सीन से दुष्प्रभाव हो सकते हैं. इससे खून के थक्के जम सकते हैं. एस्ट्राजेनेका ने ब्रिटेन के हाईकोर्ट में वैक्सीन के नुकसान की बात कबूली है. इसके बाद हंगामा खड़ा हो गया है. भारत में भी कोविशील्ड नाम से यही वैक्सीन लगाई गई है. अब इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर की गई है और जनता के स्वास्थ्य सुरक्षा के हित में निर्देश जारी करने की मांग की गई है.

ग्लोबल फार्मास्युटिकल एस्ट्राजेनेका ने स्वीकार किया है कि ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के रिसर्चर्स की ओर से बनाई गई कोविड-19 वैक्सीन से दुष्प्रभाव हो सकते हैं. इससे खून के थक्के जम सकते हैं. एस्ट्राजेनेका ने ब्रिटेन के हाईकोर्ट में वैक्सीन के नुकसान की बात कबूली है. इसके बाद हंगामा खड़ा हो गया है. भारत में भी कोविशील्ड नाम से यही वैक्सीन लगाई गई है. अब इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर की गई है और जनता के स्वास्थ्य सुरक्षा के हित में निर्देश जारी करने की मांग की गई है.

एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के इस्तेमाल पर लगी थी रोक

भारत में कोविशील्ड को पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ने मैन्युफैक्चर किया गया है. इसके 175 करोड़ डोज लगाए गए हैं. एस्ट्राजेनेका ने ब्रिटेन की कोर्ट में थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम (टीटीएस) के साथ साइड इफेक्ट थ्रोम्बोसिस की बात स्वीकार है. इस वैक्सीन से गंभीर नुकसान और मौत होने का आरोप लगा है, जिसका मामला ब्रिटेन के हाईकोर्ट में चल रहा है. यूरोप में वैक्सीनेशन अभियान शुरू होने के कुछ महीनों के भीतर मामले सामने आए थे, जिसके बाद कुछ देशों ने कुछ समय के लिए एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.