Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

इजराइल विरोध पर गूगल की सख्ती, फिर 20 कर्मचारियों को दिखाया बाहर का रास्ता

55

दुनिया की दिग्गज टेक्नॉलिजी कंपनी गूगल इजराइल मामले को लेकर काफी सख्त है. गूगल की तरफ से इजराइल को टेक्नॉलिजी देने का विरोध करने पर कंपनी ने 20 और कर्मचारियों को निकाल दिया है. इस मामले में गूगल अबतक 50 से ज्यादा कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा चुकी है.

दरअसल गूगल के ये कर्मचारी ‘प्रोजेक्ट निंबस का विरोध कर रहे थे. इसी प्रोजेक्ट के तहत गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक और अमेजन ने एक डील साइन की थी. इसके तहत इजराइल को एआई और क्लाउड सर्विस देने की बात थी. अब इस प्रोजेक्ट का गूगल के कुछ कर्मचारियों ने विरोध करना शुरू किया तो गूगल ने कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाना शुरू कर दिया.

पिछले हफ्ते भी निकाले 28 कर्मचारी

इससे पहले पिछले हफ्ते इसी बवाल के बाद गूगल ने उन 28 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था. जो इसका विरोध कर रहे थे. गूगल और अमेजन ने इस प्रोजेक्ट पर साल 2021 में साइन किया था. गूगल की ओर से कर्मचारियों को बाहर निकाले जाने के बाद इन कर्मचारियों ने गूगल गूगल के न्यूयॉर्क और कैलिफोर्निया में सनीवेल स्थित कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया था. इसके बाद कंपनी ने पुलिस को भी बुलाया, जिसने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया.

क्या है मामला

दरअसल विरोध करने वाले कर्मचारियों का समूह यह मांग कर रहा है कि रंगभेद करने वालों को कोई टेक्नॉलिजी सर्विस नहीं दी जाए.विरोध प्रदर्शन का आयोजन करने वाले समूह ने कहा कि कंपनी ने पिछले सप्ताह 30 कर्मचारियों को निकाला था. वहीं कंपनी ने समूह के दावों का खंडन करते हुए कहा कि जिन लोगों को निकाला गया है उनमें से प्रत्येक व्यक्ति व्यक्तिगत रूप से ऐसी गतिविधियों में शामिल रहा है जो कंपनी के नियमों के खिलाफ है. इसलिए उन्हें कंपनी से निकाला गया है. इन बवालों के बीच और कर्मचारियों कंपनी से बाहर करने को लेकर अब गूगल के वर्क कल्चर पर सवाल उठने लगे हैं. दरअसल इजराइल का यह प्रोजेक्ट जिसे प्रोजेक्ट निबंस के नाम से जाना जाता है. वो पूरे 1.2 अरब डॉलर का है. अब देखना है कि ऐसे अब ये कर्मचारी अगला कदम क्या उठाते हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.