Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
जबलपुर में महिला आरक्षक से पहचान छिपाकर दुष्कर्म और धर्मांतरण का दबाव, एसपी दफ्तर पहुंची पीड़िता नेपाल में कांवड़ यात्रा से पहले झंडे को लेकर भड़की हिंसा: भारत सीमा से लगे 5 जिलों में कर्फ्यू, सरका... अर्ली मेनोपॉज और हाई ब्लड प्रेशर का क्या है कनेक्शन? एक्सपर्ट से जानें एस्ट्रोजन हार्मोन का असर और ब... IB अफसर अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन समेत 5 को उम्रकैद, जानें किन पुख्ता सबूतों पर कोर्ट ने सु... पूर्णिया में बदल रही गांवों की तस्वीर: PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से 281 परिवारों का बिजली बिल हु... हरिद्वार कांवड़ यात्रा में बड़ा हादसा: जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में डूबने से चंडीगढ़ के 4 कांवड़ियो... संत रविदास के 650वें जयंती वर्ष पर भदोही बना 'संत रविदास नगर', सीएम योगी ने की सांस्कृतिक पुनर्स्थाप... बिहार विधान परिषद में बड़ा उलटफेर: बीजेपी एमएलसी देवेश कुमार ने दिया इस्तीफा, मंत्री दीपक प्रकाश के ... असम के शिलचर में बड़ा हादसा: पानी की टंकी की सफाई के दौरान दम घुटने से 4 लोगों की मौत; इलाके में शोक कटनी में 11 साल पुरानी जर्जर सड़क का केक काटकर मनाया जन्मदिन! कांग्रेस का प्रशासन के खिलाफ अनोखा विर...

मध्य प्रदेश में यहां स्थापित है 900 वर्ष पुरानी हनुमान प्रतिमा, अब तक नहीं मिल सका पैर का छोर

37

गंजबासाैदा। राम भक्त महाबली हनुमान की एक प्राचीन प्रतिमा भी शहर की सीमा से सटे ग्राम मुरादपुर में है जिससे द्वापर युग की कई किवदंती यहां भी जुड़ी हुई है। जानकार बताते हैं कि मुरादपुर स्थित महाबली हनुमान की विशाल प्रतिमा सवा नौ सौ साल पुरानी है इस प्रतिमा के पैर की थाह अंग्रेज भी नहीं ले सके। जमीन खोदकर तालाब बन गया, लेकिन पैर का छोर किसी को नहीं मिल पाया है। इसका प्रमाण मंदिर के सामने बना तालाब आज भी मौजूद है।

इस प्रतिमा को मुरादें पूरी करने वाली प्रतिमा भी कहा जाने लगा है। मुरादपुर में पवन पुत्र श्री हनुमान ज्योति पुंज के रुप में पीपल के विशाल वृक्ष से प्रकट हुए थे। तब से उसी स्थान पर विराजमान है। कालांतर के चलते पीपल का वृक्ष अब नहीं है। पूर्व यह प्रतिमा एक टीले पर थी। बाद में उसके आसपास चबूतरे का निमार्ण किया गया।

वेतबा व्रत पर्वोत्सव समिति के संस्थापक पंडित अरविंद अवस्थी बताते हैं कि द्वापर में इसी स्थान पर महाबली हनुमान ने पांडव पुत्र भीम का घमंड चूर किया था। पांडव पुत्र भीम अपने भाईयों के साथ वनवास का आखिरी एक साल अज्ञातवास काटने राजा विराट की नगरी में आए थे। इसका उल्लेख ग्रंथों में है। महाबली भीम के शरीर में एक हजार हाथियों के समान बल था। बल पाकर उनको घमंड आ गया था। भगवान श्रीकृष्ण ने महाबली भीम का घमंड तोड़ने के लिए श्री हनुमान को आज्ञा दी। इसी स्थान पर हनुमान ने भीम का घमंड तोड़ा था।

द्वापर युग में विराट राज्य में था मुरादपुर

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.