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अनुराधा का दिमाग, संविधान का आर्टिकल 21… और काला जठेड़ी को मिल गई शादी की इजाजत

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गैंगस्टर काला जठेड़ी और उसकी प्रेमिका अनुराधा 12 मार्च को शादी करने जा रहे हैं. दिल्ली पुलिस के मना करने के बाद भी कोर्ट ने दोनों को शादी की इजाजत दी और अब 12 मार्च को 6 घंटे की पेरोल दी है. जिसमें काला को शादी करने के बाद वापस तिहाड़ जेल लौटना पड़ेगा. जबकि उसके अगले दिन 13 मार्च को उसे करीब तीन घंटे के लिए अपने गांव में बनाए गए घर में गृह प्रवेश के लिए फिर से दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की निगरानी में वहां ले जाने का आदेश दिया गया है. हालांकि दिल्ली पुलिस ने उसकी पेरोल को लेकर कोर्ट के सामने चिंता जाहिर की थी, लेकिन फिर भी दिल्ली पुलिस को सफलता नहीं मिली.

साल 2021 के अगस्त महीने में दिल्ली की स्पेशल सेल ने गैंगस्टर काला जठेड़ी और अनुराधा चौधरी को सहारनपुर में एक ढाबे से गिरफ्तार किया था. दोनों को 14 दिन की रिमांड के बाद तिहाड़ जेल भेज दिया गया था, लेकिन अनुराधा चौधरी के खिलाफ कोई नया केस नहीं होने की वजह से उसे जल्द ही जमानत मिल गई और वह बाहर आकर हरियाणा के जठेड़ी गांव में अपने प्रेमी के माता-पिता की देखभाल करने लगी. अनुराधा पढ़ी-लिखी है और फिलहाल वकालत की पढ़ाई भी कर रही है. सूत्रों ने बताया कि काला जठेड़ी से शादी और उसे किस तरह से पेरोल पर बाहर लाया जा सकता है, इसके पीछे अनुराधा का ही दिमाग है.

अनुराधा ने बनाया पूरा प्लान

जेल से बाहर आने के बाद एक रोज अनुराधा ने तय किया कि वह काला जठेड़ी के मां-बाप की सेवा करेगी और फिर वह उसके मां-बाप के साथ रहने लगी. अनुराधा उनकी सेवा ठीक वैसे ही करने लगी जैसे एक आदर्श बहू करती है, लेकिन उसे कानूनी तौर पर बहु का दर्जा हासिल नहीं था. अनुराधा पढ़ने-लिखने में, अंग्रेजी बोलने और कंप्यूटर चलाने में माहिर थी, इसके बाद उसने वकालत की पढ़ाई शुरू कर दी, ताकि जिससे वह प्यार करती है उसी के केस में मदद कर सके. अनुराधा अब कानून की बारीकियां, धारा और उसकी कमजोर कड़ी पढ़ने में लग गई. तभी उसे ख्याल आया कि वह अपने आशिक से कानूनी तौर पर शादी कर सकती है और इसके लिए उसने एक एप्लीकेशन तैयार किया और उसे कोर्ट के सामने रखा. एप्लीकेशन में कहा गया कि वह दोनों बालिग हैं और अपनी मर्जी से शादी करना चाहते हैं. इसके बाद कोर्ट भी असमंजस में पड़ गई कि जिस शख्स के ऊपर 7 लाख रुपये का ईनाम है और 40-50 से ज्यादा मर्डर, रंगदारी, वसूली और गैंगवार के केस हैं, उसको कैसे शादी के लिए बाहर भेजा जा सकता है. दिल्ली पुलिस ने कहा कि ऐसे लोगों को बाहर निकलाकर शादी करवाएंगे तो गैंगवार होने के बहुत ज्यादा आसार हैं. पुलिस ने आगे कहा कि काला के दुश्मनों की भी एक लंबी लिस्ट है. अगर कुछ हो गया तो इस स्थिति में पुलिस क्या करेगी इसलिए काला को ऐसी कोई इजाजत नहीं मिलनी चाहिए.

भारी पड़ा वकील का तर्क

अनुराधा अभी वकालत की पढ़ाई कर रही थी और वह खुद काला जठेड़ी का केस नहीं लड़ सकती थी, ऐसे में उसने जो वकील इस मामले में पैरवी के लिए हॉयर किया था उसने जोरदार तर्क कोर्ट के सामने रखे. इससे कोर्ट को भी इतने बड़े अपराधी को पेरोल देनी ही पड़ी. वकील ने कोर्ट के सामने कहा कि हमारे संविधान का आर्टिकल-21 यह कहता है कि इस देश के हर नागरिक को जो बालिग है, उसको शादी का हक है और अगर उसे इस हक से वंचित किया जाता है तो यह कानून का उल्लघन होगा. अगर काला जठेड़ी को इसकी इजाजत नहीं दी जाती है तो उसको संविधान के हक से महरूम किया जा रहा है और यह पूरी तरह से आर्टिकल 21 का उल्लंघन होगा. वकील ने आर्टिकल 21 को लेकर अदालत के सामने कहा कि उसमें साफ लिखा है कि सामने वाला कोई भी क्यों ना हो, लेकिन अगर वह जिंदा है तो उसे शादी करने का हक दिया जाएगा. वकील का यह हथियार कोर्ट में काम कर गया और कोर्ट ने बाद में यह ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि आर्टिकल-21 के अनुसार हर किसी को यह हक है और काला जठेड़ी को भी यह हक मिलना चाहिए. हालांकि दिल्ली पुलिस की बात पर भी गौर करते हुए कोर्ट ने उस पहलू को ध्यान में रखते हुए शादी की इजाजत दी लेकिन कुछ शर्तों के साथ.

क्या रहेंगी शादी की शर्तें?

कोर्ट ने पहली शर्त ये रखी की शादी 12 मार्च 2024 को होगी और सुबह 10:00 से शाम 4:00 के दरमियान यानी कुल 6 घंटे के लिए काला जठेड़ी को पेरोल पर जेल से बाहर ले जाया जाएगा. इन 6 घंटे में अपनी शादी करके उसे 4:00 बजे तक वापस लाना होगा. काला जठेड़ी ने कोर्ट से पत्नी को गृह प्रवेश करवाने की मांग भी की थी ऐसे में कोर्ट ने कहा कि 12 मार्च की सुबह 10 से 4 बजे तक काला जठेड़ी और अनुराधा शादी की रस्में पूरी करेंगे और ठीक 4:00 बजे उसे जेल पहुंचाया जाएगा. इसके अगले दिन यानी 13 मार्च को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 तक यानी 3 घंटे के लिए काला जठेड़ी फिर से पेरोल पर रिहा किया जाएगा ताकि इन तीन घंटों में वह गृह प्रवेश की सारी रस्में पूरी कर सके. कुल मिलाकर काला जठेड़ी को दो दिनों के लिए 9 घंटे की पेरोल दी गई है. इसके साथ अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को भी पूरी सतर्कता से आगे बढ़ने के निर्देश दिए हैं.

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