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प्रेम से हमें 3 मंदिर मिल जाएं, हम सब भूल जाएंगे… मथुरा-काशी पर क्या बोले गोविंद देव गिरी महाराज

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अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद अब ज्ञानवापी और मथुरा की शाही ईदगाह का मुद्दा इन दिनों गरमाया हुआ हुआ है. हिंदू पक्ष इन दोनों ही जगहों पर मंदिर होने का दावा कर रहा है. इस बीच राम जन्मभूमि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि महाराज का बड़ा बयान सामने आया है. उनका कहना है कि यह तीन मंदिर मुक्त हो जाएं उसके बाद किसी और मंदिर की जरूरत नहीं है.

‘तीनों मंदिर शांति से मिल जाएं तो पुरानी बातों को भूल जाएंगे’

गोविंद देव गिरि महाराज ने आगे कहा कि अगर समझदारी और प्यार के साथ हमें ये तीनों मंदिर (अयोध्या, ज्ञानवापी और कृष्ण जन्मभूमि) शांति से मिल जाते हैं तो पुरानी सारी बातें भुला दी जाएंगी. उन्होंने कहा कि हर जगह अलग अलग हालात हैं, ऐसे में लोगों को समझाने का प्रयास किया जाएगा और किसी भी तरह से अशांति का निर्माण नहीं होने देंगे.

ज्ञानवापी मस्जिद और शाही ईदगाह को लेकर है विवाद

आपको बता दें कि राम मंदिर के बाद वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद और मथुरा की शाही ईदगाह को लेकर विवाद शुरू हो गया है. ज्ञानवापी मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. इस मामले वाराणसी कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. कोर्ट के आदेश के बाद भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI) ने मस्जिद के सील वजू खाने को छोड़कर ज्ञानवापी परिसर का सर्वे किया था. सर्वे के बाद हिंदू पक्ष ने मस्जिद में शिवलिंग मिलने का दावा किया था.

ज्ञानवापी मस्जिद में मिला पूजा का अधिकार

हाल ही में वाराणसी की कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद के तहखाने में हिंदू पक्ष को पूजा करने का अधिकार दिया था. जिस पर मुस्लिम समुदाय ने ऐतराज जताते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था. मुस्लिम पक्ष ने इस आदेश के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. हालांकि हाई कोर्ट ने भी निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए पूजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है.

हिंदू पक्ष का दावा मंदिर तोड़कर बनी ज्ञानवापी मस्जिद

हिंदू पक्ष का दावा है कि ज्ञानवापी मस्जिद में भगवान विश्वेश्वर का स्वयंभू ज्योतिर्लिंग था, मंदिर को तोड़कर औरंगजेब ने यहां मस्जिद का निर्माण कराया था. 1991 में इसे लेकर हरिहर पांडे, सोमनाथ व्यास और रामरंग शर्मा ने कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. इसमें बताया गया था कि मंदिर के अवशेषों से ही मस्जिद का निर्माण किया गया है.

वहीं दूसरी तरफ मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह को लेकर भी विवाद चल रहा है. दरअसल ये विवाद 13.37 एकड़ जमीन के मालिकाना हक का है. जहां 11 एकड़ में श्रीकृष्ण मंदिर है वहीं 2.37 एकड़ जमीन पर शाही ईदगाह मस्जिद है, हिंदू पक्ष यहां श्रीकृष्ण जन्मभूमि होने का दावा करता है.

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