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ज्ञानवापी परिसर में पूजा-अर्चना की अनुमति पर शबनम शेख की प्रतिक्रिया, बोलीं- ‘मुझे अंदाजा था कि वहां एक मंदिर है’

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रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद हजारों रामभक्त हर रोज भगवान राम के दर्शन करने अयोध्या पहुंच रहे हैं। वहीं वाराणसी जिला अदालत की ओर से ज्ञानवापी परिसर में नियमित पूजा-अर्चना की अनुमति दे दी गई है और बैरिकेडिंग से रास्ता बनाते हुए व्यास जी का तहखाना खोल दिया गया है। इसी बीच मुंबई से अयोध्या पैदल पहुंचने वाली शबनम शेख ने ज्ञानवापी परिसर में पूजा-अर्चना करने की इजाजत को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी।

शबनम शेख ने कहा- ‘भोले बाबा के बिना राम-राज्य अधूरा है। हम भी इस खबर पर नजर रख रहे थे और कहीं न कहीं हमें अंदाजा था कि वहां एक मंदिर है।’बता दें शबनम शेख अपने दोस्तों रमन राज शर्मा और विनीत पांडे के साथ अयोध्या यात्रा पर निकली थीं। उनका मकसद रामलला का दर्शन करना था। मुस्लिम होने के बावजूद शबनम की भगवान राम के प्रति अटूट आस्था है। यही वजह है, जिसने शबनम को राम जन्मभूमि जाने के लिए प्रेरित किया।

अयोध्या की यात्रा करने के उद्देश्य पर शबनम ने कहा- भगवान राम तो सबके हैं। उनके लिए सब एक समान है। भगवान राम की पूजा किसी विशेष धर्म या जाति तक ही सीमित नहीं है। साथ ही इस सोच को भी तोड़ना है कि लड़कियां पैदल यात्रा नहीं कर सकती है।

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