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शस्त्र निलंबन आदेश पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- “बुद्धि का उपयोग किए बिना दिए जा रहे आदेश”

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ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर हाईकोर्ट ने एक मामले में सुनवाई के दौरान सख्त टिप्पणी की है। हाईकोर्ट ने शस्त्र निलंबन के 7 साल पुराने मामले में सुनवाई करते हुए ग्वालियर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने की टिप्पणी करते हुए कहा कि “बुद्धि का उपयोग किया बिना आदेश दिए जा रहे” इस मामले में संभाग आयुक्त दीपक सिंह को एक फरवरी को तलब किया गया है।

बता दें कलेक्टर ने 7 साल पहले मुन्नी देवी का शस्त्र लाइसेंस निलंबित किया था। महिला पर FIR दर्ज़ होने का हवाला देकर लायसेंस निलंबित किया गया था। जिसके बाद महिला ने कलेक्टर के आदेश के खिलाफ संभागायुक्त से अपील की थी। लेकिन महिला को संभागायुक्त कार्यालय से भी राहत नहीं मिली थी।

जिसके बाद मुन्नी देवी गुर्जर ने हाई कोर्ट में कलेक्टर के आदेश को चुनौती दी थी। इस मामले में सरकारी वकील हाई कोर्ट में लाइसेंस निलंबन पर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया जिसपर कोर्ट ने कहा- “लायसेंस निलंबन से पहले ना तो नोटिस जारी किया, ना फरियादी को सुनवाई का अवसर दिया, ऐसा लगता है जैसे बुद्धि का उपयोग किए बिना ही आदेश पारित किया जा रहे हैं। संबंधित पक्ष को सुनवाई का अवसर नहीं दिया जा रहा।”

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