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474 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा सैटेलाइट परिसर, दो साल में पूरा होगा काम, जानें खासियत

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उज्जैन। उज्जैन में बनने वाले सैटेलाइट परिसर की लागत 474 करोड़ रुपये होगी और यह डेढ़ से दो साल में पूरा भी हो जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने एक्‍स हैंडल पर पोस्‍ट कर इसकी जानकारी दी है। वहीं परिसर को लेकर उन्होंने आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रोफेसर सुहास जोशी से मुलाकात की। उन्होंने सीएम यादव को सैटेलाइट परिसर के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया।

सैटेलाइट परिसर को लेकर मुख्‍यमंत्री मोहन यादव ने अपने एक्‍स हैंडल पर पोस्‍ट कर कहा कि ‘उज्जैन में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंदौर के निदेशक प्रोफेसर सुहास जोशी ने भेंट कर उज्जैन में प्रस्तावित सैटेलाइट परिसर के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया। प्रस्तुतीकरण में जानकारी दी गई कि इस केंद्र की लागत ₹474 करोड़ होगी। आने वाले डेढ़ से दो वर्ष की अवधि में यह कार्य पूर्ण होगा।’

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आज उज्जैन में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंदौर के निदेशक प्रोफेसर सुहास जोशी ने भेंट कर उज्जैन में प्रस्तावित सैटेलाइट परिसर के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया।

सैटेलाइट परिसर में डीप टेक रिसर्च एंड लैबोरेटरी डिस्कवरी सेंटर, लैब टू मार्केट सेंटर और एस्ट्रोनॉमी एंड स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में विविध गतिविधियां होंगी। इसका व्यापक लाभ विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और आमजन को मिलेगा।

मिल चुकी है सैद्धांतिक सहमति

बता दे कि उज्जैन के सैटेलाइट परिसर को सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसको लेकर केंद्रीय शिक्षा व कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की थी और शिक्षा और कौशल विकास से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, इंदौर द्वारा उज्जैन में सैटेलाइट परिसर स्थापित करने की परियोजना तैयार कर वर्ष 2023 में शिक्षा मंत्रालय को स्वीकृति के लिए भेजी गई थी।

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