Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
India's Fastest Metro: भारत की सबसे तेज मेट्रो की रफ्तार ने चौंकाया, अब घंटों का सफर मात्र 30 मिनट म... India AI Impact Summit 2026: बिहार में तकनीक का नया दौर, राज्य सरकार ने ₹468 करोड़ के MoU पर किए हस्... Mamata Banerjee vs EC: "चुनाव आयोग की हिम्मत कैसे हुई?" सुप्रीम कोर्ट के नियमों के उल्लंघन पर भड़कीं... Delhi Kidnapping: पहले विश्वास जीता, फिर दूध पिलाने के बहाने बच्चा लेकर फरार! दिल्ली के अंबेडकर हॉस्... Rape Case Verdict: दुष्कर्म मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का बड़ा फैसला, दोषी को 7 साल की कड़ी सजा और ... Bhupinder Hooda on Crime: "हरियाणा में वही सुरक्षित है जिसे कोई मारना नहीं चाहता"—बढ़ते अपराध पर हुड... Haryanvi Singer Harsh Gupta Arrested: हरियाणवी सिंगर हर्ष गुप्ता गिरफ्तार, पुलिस ने इस गंभीर मामले म... High-Tech Fraud: पेमेंट का फर्जी मैसेज दिखाकर लाखों के गहने ले उड़ा ठग, शातिर की तलाश में जुटी पुलिस Rohtak Gangwar: रोहतक में सरेआम गैंगवार, गोगा की 20 से अधिक गोलियां मारकर हत्या, CCTV में कैद हुई खौ... Haryana Vivah Shagun Yojana: हरियाणा में बेटी की शादी के लिए मिलेंगे 71,000 रुपये, जानें क्या है पात...

दगना से एक बच्ची की मौत, एक की हालत स्थिर, नानी और मां पर मामला दर्ज

26

शहडोल। एक और मासूम दगना कुप्रथा की बलि चढ़ गई। शहडोल के मेडिकल कालेज में भर्ती उमरिया के मानपुर की तीन माह की बच्ची की मंगलवार को मौत हो गई। उसे उसकी ही मां ने गर्म चूड़ियों से दागा था। वहीं, शहडोल के लालपुर पंचायत के ककरहाई गांव निवासी दो माह की बालिका की हालत अब स्थिर है। पुलिस ने उसकी नानी और मां पर मामला दर्ज किया है।

अगरबत्ती से सात बार दागा

बुढ़ार थाना क्षेत्र के ककरहाई गांव में दो माह की मासूम को निमोनिया हो गया था। उसे उसकी नानी मुन्नीबाई कोल (55) पत्नी रुद्र कोल व बच्ची की मां इंद्रवती कोल (35) पत्नी महेन्द्र कोल ने अगरबत्ती से सात बार सीने में दागा था। दागने के कारण बालिका का स्वास्थ्य बिगड़ने पर सात जनवरी को मेडिकल कालेज शहडोल में भर्ती कराया गया। बुधवार को उसकी हालत स्थिर बताई गई है।

मौत के बाद बाइक से लाना पड़ा शव

मानपुर क्षेत्र के ग्राम कठार में निमोनिया से पीड़ित तीन माह की अहाना बैगा को उसकी मां ने ही गर्म चूड़ियों से कई बार दागा। मौत के बाद माता-पिता को गांव तक लाने के लिए वाहन नहीं मिला तो वे बाइक से मासूम के शव को लेकर अपने घर पहुंचे। शहडोल से कठार गांव तक उन्होंने 70 किमी की दूरी करीब ढाई घंटे में तय की।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.