Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
महाराष्ट्र में FDA की बड़ी कार्रवाई: बीड में 1.94 करोड़ का 1.19 लाख kg मिलावटी खाद्य तेल जब्त, 5 फैक... संबलपुर में 'हर घर तिरंगा' यात्रा की धूम: धर्मेंद्र प्रधान संग सड़क पर उतरे हजारों लोग, देशभक्ति के ... PM मोदी ने की CWG 2026 पदक विजेताओं की अगवानी: 7 LKM में खिलाड़ियों से मुलाकात, दिया "जो खेलेगा, वो ... मुंबई में FDA की बड़ी कार्रवाई का होटल कारोबारियों ने किया समर्थन: बोले— 'ग्राहकों की सेहत से समझौता... दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन आज, CAG रिपोर्ट और नए विधेयकों पर हंगामे के आसार सिद्धार्थनगर में सीएम योगी आदित्यनाथ ने ₹311 करोड़ की 107 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण व शिलान्... सीएजी रिपोर्ट केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार का लिखित दस्तावेज, मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बोला तीखा ... प्रयागराज में राहुल गांधी की 'छात्रों की गूंज' सभा, केंद्र सरकार, पीएम मोदी और अमित शाह पर बोला तीखा... पूर्णिया में कोहराम: दो हादसों में 5 बच्चों की डूबने से मौत, कसबा में 3 सगे भाई और बायसी में 2 चचेरी... हवा में 300 फीट नीचे गिरी एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट: पायलटों पर DGCA का एक्शन, साइकोएक्टिव ट...

Hit And Run कानून पर अब कर्नाटक में हल्ला-बोल, 17 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे ट्रक मालिक

53

बेंगलुरू। केंद्र सरकार ‘हिट एंड रन’ कानून (Hit and Run Law) कानून लेकर आई थी। उसके बाद से ही इसके खिलाफ ड्राइवर्स ने विरोध प्रदर्शन शूरू कर दिया। मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा में प्रदर्शन के बाद कर्नाटक में भी प्रदर्शन होने वाला है। फेडरेशन ऑफ कर्नाटक ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सी. नवीन रेड्डी ने बताया कि हमने इस कानून पर बैठक की। सभी सदस्यों ने 17 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का फैसला किया है।

कानून से इस प्रावधान को हटाने की मांग

रेड्डी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कहा कि दूसरे देशों में हिट एंड रन कानून में ड्राइवर से कोई दुर्घटना हो जाती है तो उसका लाइसेंस जब्त कर लिया जाता है। हमारी मांग है केंद्र सरकार से कि कानून से 10 साल की जेल व भारी भरकम जुर्माने के प्रावधान को हटा दें।

इस कारण ड्राइवर हैं चिंतित

नवीन रेड्डी ने कहा कि नए कानून में सरकार ने 10 साल की सजा का प्रावधान कर दिया है। यही हमारे लिए सबसे ज्यादा परेशान करने वाला है। इसी प्रावधान की वजह से देश भर के ड्राइवर परेशान हैं। हमारा सरकार से यही अनुरोध है कि इस कानून में से ये प्रावधान हटा दिया जाए।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.